बिहिया के घाघा गांव में संदिग्ध हालत में बुजुर्ग की मौत, हंगामा
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 06 May 2024 10:48 PM
घटना के विरोध में बिहिया-घाघा पथ को जाम कर एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे लोग
बिहिया. बिहिया थाना क्षेत्र के घाघा गांव में रविवार की रात पुलिस पूर्व के एक केस में वारंटी को गिरफ्तार करने गयी थी. हालांकि पुलिस के आने की खबर मिलते ही वारंटी अपने घर से भाग निकला, जिससे उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पायी और बिहिया पुलिस मौके से लौट गयी. इसी दौरान उक्त आरोपित की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गयी. मृतक घाघा गांव निवासी स्व. ज्ञानचंद शाह के 65 वर्षीय पुत्र भीम शाह था. घटना से आक्रोशित परिजन हत्या का आरोप लगाते हुए सोमवार की सुबह हंगामा करने लगे. इस दौरान लोगों ने बिहिया-घाघा पथ को जाम कर दिया. एसपी को बुलाने की मांग करने लगे. लोग हत्या करने का आरोप लगा रहे थे. इसमें पुलिस को भी लपेट रहे थे. हंगामे की सूचना पर बिहिया थाना सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. हंगामा कर रहे लोगों को किसी तरह पुलिस ने समझाने का प्रयास करना शुरू किया, पर लोग मानने को तैयार नहीं थे. लगातार हंगामा कर रहे थे एवं शव उठाने नहीं दे रहे थे. हालांकि काफी मशक्कत के बाद पुलिस शव को उठा पायी. फिर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल आरा भेज दी. इस दौरान लगभग चार घंटे तक घाघा में बिहिया – घाघा चौक पर जाम के कारण आवागमन बाधित रहा. जानकारी के अनुसार मृतक पूर्व के केस में वारंटी था. वारंट को लेकर उस व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कई दिनों से घाघा गांव में दबिश दे रही थी, पर वह पकड़ में नहीं आ रहा था. रविवार की रात थानाध्यक्ष राजेश मालाकार गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी करने लिए पहुंचे थे, पर पुलिस को देखकर फरार हो गया. इसी दौरान सुबह में ग्रामीणों को घर से थोड़ी दूर सुबह उसका शव होने की जानकारी मिली. इसके बाद हंगामा शुरू हो गया. बताया जाता है कि मृतक के गांव के ही किसी व्यक्ति से काफी दिनों से जमीन विवाद चल रहा था. पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है. थानाध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का पता चल सकता है. उन्होंने कहा कि जमीन विवाद को केंद्र में रख कर भी जांच की जा रही है. वहीं इस घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसर गया है. पूरे दिन मृतक के परिवार के जाननेवाले लोग घर पर आते रहे और परिवार के सदस्यों को सांत्वना देते रहे. इस दौरान ग्रामीणों के अंदर पुलिस के प्रति काफी नाराजगी देखने को मिल रही थी.
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