आरा : 'मुझे EWS में इंटरव्यू नहीं देने दिया', BSUSC पर अभ्यर्थी का आरोप, हाईकोर्ट जाने की तैयारी

Updated:
विज्ञापन

BSUSC ऑफिस

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति प्रक्रिया में एक बड़ा विवाद सामने आया है. आरा की एक EWS अभ्यर्थी ने आरोप लगाया है कि वैध प्रमाण पत्र होने के बावजूद उन्हें अनारक्षित श्रेणी में इंटरव्यू देने के लिए मजबूर किया गया. असंतुष्ट अभ्यर्थी अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं.

विज्ञापन

आरा से आशुतोष पांडे की रिपोर्ट

BSUSC EWS Candidate Allegations : बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) की असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है. आरा की एक अभ्यर्थी ने आरोप लगाया है कि वैध ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र होने के बावजूद उन्हें ईडब्ल्यूएस श्रेणी में साक्षात्कार देने की अनुमति नहीं दी गई और दबाव बनाकर जनरल श्रेणी में इंटरव्यू कराया गया. अब उन्होंने मामले को लेकर हाईकोर्ट जाने की बात कही है.

भर्ती पर उठाए सवाल

आरा निवासी डॉ. सुष्मिता ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) की संविदा आधारित असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि समाजशास्त्र विषय के लिए 25 जुलाई 2026 को पटना के शास्त्रीनगर स्थित दीप नारायण सिंह रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ कोऑपरेटिव मैनेजमेंट में आयोजित साक्षात्कार के दौरान उनके साथ गलत व्यवहार किया गया.

वैध EWS प्रमाणपत्र होने के बावजूद नहीं मिला लाभ

डॉ. सुष्मिता का दावा है कि उनके पास विधिसम्मत तरीके से जारी ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाणपत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध थे. इसके बावजूद दस्तावेज सत्यापन के समय आयोग के अधिकारियों ने उन्हें ईडब्ल्यूएस श्रेणी में इंटरव्यू देने की अनुमति नहीं दी और जनरल (अनारक्षित) श्रेणी में साक्षात्कार देने का दबाव बनाया. उनके अनुसार परिस्थितियों के कारण उन्हें जनरल श्रेणी में ही इंटरव्यू देना पड़ा.

परिणाम आने के बाद चयन नहीं होने पर उठाया मुद्दा

अभ्यर्थी का कहना है कि उनका इंटरव्यू संतोषजनक रहा, लेकिन हाल ही में जारी परिणाम में उनका चयन नहीं हुआ. उनका दावा है कि यदि उन्हें ईडब्ल्यूएस श्रेणी में साक्षात्कार देने और उसी आधार पर मूल्यांकन का अवसर मिलता, तो चयन की संभावना अधिक रहती.

संवैधानिक अधिकारों के हनन का लगाया आरोप

डॉ. सुष्मिता ने आरोप लगाया है कि आयोग की कार्रवाई से उनके संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों का हनन हुआ है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा ईडब्ल्यूएस श्रेणी के आधार पर न्याय दिलाने की मांग की है.

अब हाईकोर्ट का रुख करेंगी अभ्यर्थी

अभ्यर्थी ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी. उनका कहना है कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत आयोग की कार्रवाई को चुनौती देंगी और न्याय की मांग करेंगी.

Also Read : आरा की सड़कों पर खटालों का कब्जा? गंदगी, जाम और आवारा पशुओं से बढ़ीं लोगों की मुश्किलें


विज्ञापन
Ashutosh Pandey

लेखक के बारे में

By Ashutosh Pandey

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन