85 वर्ष पूर्व स्वतंत्रता सेनानियों ने हिला दी थी ब्रिटिश हुकूमत की नींव, थाने पर तिरंगा फहराकर रचा था इतिहास

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प्रखंड मुख्यालय स्थित बने स्वतंत्रता स्तंभ. | Prabhat Khabar Network

85 वर्ष पूर्व रानीगंज के जोशीले युवाओं ने अपनी जान की परवाह न करते हुए ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी. उन्होंने डाकघर में तोड़फोड़ कर थाने पर तिरंगा फहराया और इतिहास रचा. यह स्मारक आज भी देशप्रेम की प्रेरणा देता है.

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अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड का इतिहास देश की आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है. करीब 85 वर्ष पूर्व, जिस उम्र में बच्चे हाथ में कलम और किताब थामते हैं, उस उम्र में रानीगंज के जोशीले युवाओं की टोली ने सर्वस्व त्याग कर अंग्रेजी हुकूमत की जड़ें हिला दी थीं. ब्रिटिश हुकूमत और पुलिस की प्रताड़ना के खौफ को दरकिनार कर इन सेनानियों ने मातृभूमि को आजाद कराने में ऐतिहासिक योगदान दिया. रानीगंज प्रखंड मुख्यालय में निर्मित 'स्वतंत्रता सेनानी स्तंभ' आज भी उन अमर शहीदों और वीरों के अदम्य साहस, त्याग और समर्पण की याद ताजा करता है.

1931 का ऐतिहासिक आंदोलन: दारोगा से लिया लोहा, थाने पर फहराया तिरंगा

रानीगंज में आजादी की ललक इस कदर थी कि क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश पुलिस की लाठियों और गोलियों की परवाह किए बिना थाने पर धावा बोल दिया था:

  • डाकघर में तोड़फोड़ और थाने पर तिरंगा: सन 1931 में रानीगंज के क्रांतिकारियों ने तत्कालीन दारोगा उस्मान खान के दमनकारी रवैये के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया. आंदोलनकारियों ने ब्रिटिश सरकार के डाकघर में तोड़फोड़ की और रानीगंज थाना पहुंचकर दारोगा रामदास को परास्त करते हुए थाने की छत पर शान से तिरंगा फहरा दिया.
  • पुलिसिया प्रताड़ना और जेल: इस घटना के बाद दारोगा उस्मान खान और पुलिस बल ने क्रांतिकारियों पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाईं और गोलियां चलाईं. कई सेनानी गंभीर रूप से घायल हुए और कईयों को भागलपुर सेंट्रल जेल में यातनाएं झेलनी पड़ीं. इसके बावजूद इन वीरों ने ब्रिटिश हुकूमत के आगे कभी घुटने नहीं टेके.

रानीगंज के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी

रानीगंज के स्थानीय जमींदारों और ग्रामीणों के सहयोग से इन आजादी के दीवानों का हौसला लगातार बढ़ता रहा. आंदोलन का नेतृत्व और उसमें अपनी सहभागिता देने वाले प्रमुख सेनानियों में शामिल थे:

प्रमुख सेनानी: नेवालाल सिंह, गणेश लाल वर्मा, पृथ्वीचंद मंडल, कलानंद सिंह, शिवानंद मिश्र, राजनारायण सिंह, रामचरित्र सिंह, सोनेलाल भगत, जगरनाथ मंडल, जनार्दन चौधरी, नंदलाल गोप, मानिकचंद साह, रूपलाल मेहता, योगानंद ठाकुर, दिनेश यादव, भागवत प्रसाद सिंह, श्रीमती जीवनी देवी, श्रीमती मोचिया देवी एवं जगदीश चौधरी सहित दर्जनों क्रांतिकारी.

रानीगंज मुख्यालय स्थित स्वतंत्रता सेनानी स्मारक स्थल आज भी आने वाली पीढ़ियों को देशप्रेम, स्वाभिमान और आजादी के मूल्य की प्रेरणा दे रहा है.


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रविंद्र यादव

लेखक के बारे में

By रविंद्र यादव

रविंद्र यादव प्रिंट माध्यम में 08 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. रानीगंज (अररिया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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