फिंगरप्रिंट क्लोन कर बैंक खाते खाली करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: अररिया में 6 शातिर साइबर ठग गिरफ्तार

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फिंगरप्रिंट क्लोन कर खातों से ठगी करने वाले 6 शातिर साइबर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, देखें पूरी जानकारी.

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जिले में साइबर अपराधियों के बढ़ते संगठित तंत्र पर नकेल कसते हुए महलगांव थाना पुलिस ने फिंगरप्रिंट डिवाइस और नागरिकों के पहचान विवरण का दुरुपयोग कर खाते खाली करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है.

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पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना समेत कुल 6 शातिर साइबर ठगों को रंगे हाथ गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है. सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने प्रेस वार्ता आयोजित कर इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट के तौर-तरीकों और पुलिसिया कार्रवाई का विस्तृत खुलासा किया.

कुरौल गांव में मो. राशिद के घर चल रहा था साइबर ठगी का अवैध अड्डा

सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि महलगांव थाना पुलिस को गुप्त आसूचना मिली थी कि कुरौल गांव (वार्ड संख्या 07) निवासी मो. राशिद के मकान में कई लोग इकट्ठा होकर अवैध रूप से तकनीकी उपकरणों के जरिए साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क चला रहे हैं.

सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया. पुलिस टीम ने जब चिह्नित ठिकाने पर औचक दबिश दी, तो वहां कई युवक लैपटॉप, स्मार्टफोन और फिंगरप्रिंट स्कैनर के साथ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन करते रंगे हाथ पकड़े गए.

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जमीन की रजिस्ट्री और दस्तावेजों से अंगूठा चुराकर एईपीएस से सेंधमारी

कड़ी पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने अपने अपराध कबूल किए. गिरोह के सदस्यों ने बताया कि वे जमीन की रजिस्ट्री के दस्तावेजों और अन्य कागजातों से आम लोगों के फिंगरप्रिंट (अंगूठे के निशान) हासिल कर उनका क्लोन तैयार करते थे.

इसके बाद वे आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) के माध्यम से बैंक खातों से अवैध निकासी कर रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते थे. इस गिरोह की सक्रियता के कारण बिना किसी ओटीपी के ही भोले-भाले ग्रामीणों के खाते अचानक खाली हो रहे थे.

छत्तीसगढ़ का युवक भी शामिल, अर्टिगा कार व 12 मोबाइल बरामद

गिरफ्तार साइबर ठगों की पहचान मो. राशिद (22), मो. मनजर (30), मो. राबरेरा (29) (तीनों निवासी कुरौल), मो. कुर्बान आलम (38, निवासी अझवा सिसौना, जोकीहाट), हुसैन राजा (19, निवासी फरसाडांगी) तथा राजा कुमार (22, निवासी गोधनपुर, गांधीनगर, सरगुजा, छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है.

एसडीपीओ ने बताया कि छत्तीसगढ़ का राजा कुमार इंटरनेट के जरिए इस गिरोह के संपर्क में आया था और यहीं रहकर अंतरराज्यीय स्तर पर ठगी को अंजाम दे रहा था. पुलिस ने इनके पास से एक मारुति अर्टिगा कार (BR 38 AR 8108), 12 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 4 फिंगरप्रिंट स्कैनर डिवाइस, वाई-फाई राउटर और 6 डाटा केबल जब्त किए हैं.

केस दर्ज कर सभी भेजे गए जेल, छापेमारी दल को शाबाशी

इस मामले में महलगांव थाना कांड संख्या 183/26 दर्ज कर सभी छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. सफल छापेमारी दल में महलगांव थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक (पुअनि) बृजेश कुमार, अपर थानाध्यक्ष पुअनि राजू कुमार, पुअनि रागा कुमारी, सहायक अवर निरीक्षक (सअनि) गोविंद यादव, सअनि प्रेम कुमार सहित सशस्त्र बल और चौकीदार शामिल रहे. पुलिस अब इस गिरोह के तार अन्य राज्यों और जिलों में कहां-कहां जुड़े हैं, इसकी तकनीकी जांच कर रही है.

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