किसानों पर नीलाम पत्र दायर
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
जिले के किसानों के पास है 30.11 करोड़ ऋण है बकाया ऋणधारक किसानों के विरुद्ध नीलामपत्र वाद दायर करने के लिए प्रबंध निदेशक ने सहकारी बैंकों के शाखा प्रबंधक को भेजा पत्र पत्र मिलने के एक सप्ताह के अंदर दिया नीलापत्र दायर करने का आदेश अररिया : द पूर्णिया डिस्ट्रीक्ट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक पूर्णिया के […]
विज्ञापन
जिले के किसानों के पास है 30.11 करोड़ ऋण है बकाया
ऋणधारक किसानों के विरुद्ध नीलामपत्र वाद दायर करने के लिए प्रबंध निदेशक ने सहकारी बैंकों के शाखा प्रबंधक को भेजा पत्र
पत्र मिलने के एक सप्ताह के अंदर दिया नीलापत्र दायर करने का आदेश
अररिया : द पूर्णिया डिस्ट्रीक्ट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक पूर्णिया के अधीन विभिन्न सहकारी बैंकों की स्थिति ठीक-ठाक नहीं चल रही है. इसका मुख्य कारण है जिले के छह सहकारी बैंकों का विगत कई वर्षों से छोटे-छोटे रूप में विभिन्न किसानों के पास लगभग 30 करोड़ 11 लाख रुपये का ऋण बकाया है. इसके वसूली की रफ्तार भी धीमी है. सहकारी बैंक अपने शाख को बचाने के लिए ऋणधारक किसानों के खातों का नवीकरण कर अपना कोरम पूरा करती रही है.
हालांकि विभाग किसानों से ऋण वसूली को लेकर सख्त नजर आ रहा है. दी पूर्णिया डिस्ट्रीक्ट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक द्वारा पत्रांक 207 दिनांक 14 जून 17 को जारी कर ऋणधारक किसानों के विरुद्ध नीलाम पत्र वाद दायर करने का आदेश दिया गया है. निलाम पत्र वाद दायर करने के लिए एक सप्ताह का समय सहकारी बैंको के शाखा प्रबंधक को दिया गया है. बहरहाल ऋण वसूली की धीमी रफ्तार व रुपये की कमी झेल रहे सहकारी बैंक ताजा स्थिति में किसानों को ऋण देने में सक्षम नहीं दिख रहा है. इस कारण पैक्सों में जुटे जिले के लगभग तीन लाख सदस्य किसानों को खेती के लिए ऋण मुहैय्या नहीं हो पा रहा है.
बीच-बीच में राज्य सरकार के मदद से धान अधिप्राप्ति व खाद आदि की खरीद के लिए पैक्सों को तो सहकारी बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है लेकिन किसानों को अपने फसल उत्पादन के लिए सहकारी बैंक ऋण के रूप में किसी भी प्रकार की मदद उपलब्ध नहीं करा पा रहा है. जिसका परिणाम है कि किसान बाजार में महाजनी प्रथा से मुक्त नहीं हो पा रहे हैं.
तीन जिलों के 239 किसानों के विरुद्ध दायर किया गया है नीलामपत्र वाद : दी पूर्णिया डिस्ट्रीक्ट को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक विरेंद्र ठाकुर से दूरभाष पर पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि शाखा प्रबंधकों को ऋण वसूली का टारगेट दिया गया है. इसमें बकाया ऋणधारक किसानों के विरुद्ध निलामपत्र वाद करने का निर्देश शाखा प्रबंधकों को दिया गया है.
उन्होंने बताया कि तीनों जिला क्रमश: पूर्णिया, अररिया व किशनगंज मिलाकर कुल 239 किसानों के विरुद्ध सर्टिफिकेट केस किया जा चुका है. इन किसानों के पास 2 करोड़ 39 लाख रुपये का बकाया है. जबकि अररिया जिले में कुल 88 किसानों के विरुद्ध सर्टिफिकेट केश किया गया है. अब ऋण वूसली करने की दिशा में सहकारी बैंक कड़े कदम उठाने जा रही है. जिससे सहकारी बैंकों की स्थिति में सुधार लाया जा सके.
कई वर्षों से ऋण लेकर बैठे हैं किसान
खास बातें:-
पूर्णिया जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अधीन पूर्णिया, किशनगंज व अररिया जिले के 239 किसानों के विरुद्ध चल रही है निलामपत्र
की कार्रवाई, इन पर बकाया है 2 करोड़ 39 लाख की ऋण राशि
अररिया जिले के 88 किसान भी हैं इनमें शामिल
दस वर्षों से अधिक समय से सहकारिता बैंकों द्वारा पैक्स समर्थित किसानों को नहीं दिया गया है ऋण
बैंकों द्वारा कर दिया जाता है प्रति वर्ष ऋण धारक किसानों के खातों का नवीकरण, नहीं हो पाती है ऋण की वसूली
ऋण नहीं मिल पाने के कारण पैक्स समर्थित किसानों पर महाजनी प्रथा हो रही है हावी
वास्तविक मूलधन की राशि के अनुपात में ब्याज की राशि पहुंच चुकी है 60 प्रतिशत से अधिक
कोऑपरेटिव बैंक के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ऋण वसूली की धीमी रफ्तार के कारण किसानों के ऊपर बकाया राशि में दिन प्रतिदिन इजाफा हो रहा है. बैंक के प्रबंध निदेशक ने पत्रांक 173 दिनांक 05 जून 17 जारी कर कहा है कि मूलधन के अनुपात में ब्याज की राशि में 60 प्रतिशत का इजाफा रहा है. बीते दो वर्षों के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो वर्ष 2016-17 में जिले के छह सहकारी बैंकों का विभिन्न किसानों के पास लगभग 29 करोड़ 49 लाख रुपये का ऋण बकाया था.
इसमें छह लाख 87 हजार रुपये की वसूली दिखाया गया है. जबकि वित्तीय वर्ष 2017-18 में किसानों के पास मई माह तक 30 करोड़ 11 लाख के ऋण राशि के बकाया होने का मामला सामने आया है. इस राशि में से 13 लाख 49 हजार रुपये की वसूली किसानों से दिखाया गया है. सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधकों की माने तो पैक्स अध्यक्ष व बैंकिंग स्रोतों से बराबर मुहिम चलाकर किसानों के पास बकाया ऋण की वसूली की जाती है. लेकिन किसानों की दयनीय स्थिति को देखते हुए ऋण वूसली की प्रक्रिया पुन: धीमी रफ्तार में खुद ब खुद आ जाती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










