अमित शाह के सीमांचल दौरे से पहले बिहार के साथ-साथ पं.बंगाल में भी सियासी पारा चढ़ा, जानें क्या है माजरा !

Published at :19 Sep 2022 8:03 PM (IST)
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अमित शाह के सीमांचल दौरे से पहले बिहार के साथ-साथ पं.बंगाल में भी सियासी पारा चढ़ा, जानें क्या है माजरा !

Bihar politics: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. आगामी 23 और 24 सितंबर को पूर्णिया और किशनगंज में उनका दौरा होगा. इसको लेकर सीमांचल ही नहीं बल्कि समीपवर्ती पश्चिम बंगाल में भी सियासी सरगर्मियां बढ़ गई है.

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Bihar politics: बिहार के सीमांचल में अमित शाह की रैली से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे पर सवाल उठाते हुए महागठबंधन के घटक दल के नेताओं बीजेपी पर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है. इन सब के बीच महागठबंधन ने भी अमित शाह के दौरे के जवाब में चार रैलियां कराने की घोषणा कर दी है. इसको लेकर महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी है. बता दें कि आगामी 23 सितंबर को अमित शाह पूर्णिया और किशनगंज में दो रैलियां करेंगे.

‘पीएम मोदी के साथ बिहारवासी’

अमित शाह की रैली को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि 2022 का बिहार 2015 से अलग है और लोग जेडीयू के विशेष दर्जे के चुनावी मुद्दे के झांसे में नहीं आने वाले हैं. उन्होंने पीएम मोदी और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि बिहार के जानमानस ने देखा है कि नरेंद्र मोदी ने बिहार के विकास के लिए क्या-क्या किया है. बीजेपी नेता ने कहा कि केंद्रिय गृह मंत्री अमित शाह सीमांचल के लोगों की दु:ख दर्द को महसूस करने के लिए आ रहे हैं.

ललन सिंह ने किया पलटवार

महागठबंधन की रैलियों पर बीजेपी के द्वारा सवाल उठाए जाने पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने मोर्चा संभालते हुए पलटवार किया. ललन सिंह ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि महागठबंधन की रैलियां सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी एकजुटता बढ़ाने के लिए होगी. जबकि केंद्रिय गृह मंत्री अमित साह सीमांचल में लोगों के दु:ख-दर्द को महसूस करने के लिए नहीं, बल्कि उनको तोड़कर अलग करने के लिए आ रहे हैं. जदयू नेता ने आगे कहा कि बीजेपी तोड़ने वाली पार्टी है, जबकि राजद और जदयू हमेशा से सांप्रदायिक सौहार्द के लिए खड़ी रही है.

केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे से बंगाल में भी बढ़ी सरगर्मी

गौरतलब है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. आगामी 23 और 24 सितंबर को पूर्णिया और किशनगंज में उनका दौरा होगा. इसको लेकर सीमांचल ही नहीं बल्कि समीपवर्ती पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर और दार्जिलिंग जिले में भी सरगर्मियां तेज हो चुकी है. पश्चिम बंगाल के इन दोनों जिलों के बीजेपी कार्यकर्ताओं में गृहमंत्री के सीमांचल दौरे को लेकर खासा उत्साह है. राजनीतिक जानकारों कि मानें तो गृहमंत्री शाह अपने दौरे से सीमांचल के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के समीपवर्ती इन दोनों जिलों की 15 विधानसभा सीटों पर भी निशाना साधेंगे.

किशनगंज से महज कुछ किमी की दूरी पर बंगाल

आपको बता दें कि किशनगंज जिले से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले की 8 विधानसभा सीट और 40 किलोमीटर दूर स्थित दार्जलिंग जिले की 7 विधानसभा सीट है. दार्जिलिंग जिले की 7 विधानसभा सीट कालिम्पोंग, दार्जिलिंग, कर्सियांग, माटिगाड़ा, सिलीगुड़ी, फ़ांसीदेवा, चोपड़ा है, जिसमें कालिम्पोंग और चोपड़ा में तृणमूल के विधायक है, तो बाकी बचे पांच विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा है.

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