मेडिकल छात्रा दुष्कर्म केस में हाई कोर्ट सख्त, क्रिकेटर अभिषेक पोरेल समेत 2 आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश

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आईपीएल क्रिकेटर अभिषेक पोरेल (एक्स)

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Abhishek Porel alleged rape case: कोलकाता हाई कोर्ट ने मेडिकल छात्रा से कथित दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस को आईपीएल क्रिकेटर अभिषेक पोरेल समेत आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए.

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Abhishek Porel alleged rape case: कोलकाता हाई कोर्ट ने मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में बेहद सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. अदालत ने हुगली जिले की मगरा थाना पुलिस को आदेश दिया है कि वे आईपीएल क्रिकेटर अभिषेक पोरेल समेत दोनों आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करें. इसके साथ ही, कोर्ट ने पुलिस को यह भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को तत्काल जब्त कर लिया जाए, ताकि छात्रा की आपत्तिजनक तस्वीरों और वीडियो को इंटरनेट पर और अधिक फैलने से रोका जा सके. अदालत ने पुलिस से इस मामले में अब तक की गई जांच और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 11 अगस्त तक पेश करने को कहा है.

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प्रेम संबंध का झांसा देकर शोषण का आरोप

मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित छात्रा की ओर से आरोप लगाया गया कि उसे प्रेम संबंध का भरोसा दिलाकर कथित रूप से यौन उत्पीड़न किया गया. छात्रा का आरोप है कि उसकी जानकारी के बिना उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए गए. बाद में इन्हीं तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल उसे धमकाने और ब्लैकमेल करने के लिए किया गया. पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने निजी सामग्री को इंटरनेट पर फैलाने की धमकी देकर उस पर दबाव बनाया. इस मामले में मगरा थाने में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है.

पुलिस अब तक नहीं कर सकी उपकरण बरामद

अदालत में पीड़िता के वकीलों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह दलील दी कि आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों को तुरंत जब्त करना अनिवार्य है, क्योंकि जब तक ये उपकरण बरामद नहीं होते, तब तक पीड़िता की निजी तस्वीरों के गलत इस्तेमाल और उनके वायरल होने का बड़ा खतरा बना हुआ है. वकीलों ने अदालत को यह भी आगाह किया कि यह मामला संभवतः केवल एक पीड़िता तक सीमित नहीं है, बल्कि आरोपियों ने प्रेम का झांसा देकर अन्य महिलाओं को भी इसी तरह फंसाया हो सकता है, जहां निजी तस्वीरें हासिल कर उन्हें ब्लैकमेल किया गया. इस गंभीर आरोप की पुष्टि के लिए वकीलों ने अदालत के समक्ष कुछ साक्ष्य भी पेश किए हैं, ताकि मामले की तह तक जाकर अन्य पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

हाई कोर्ट ने पुलिस से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. इसके बाद हाई कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किया जाए. अदालत ने पुलिस से अब तक की जांच और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 11 अगस्त तक जमा करने को कहा है.

11 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को निर्धारित की गई है. उस दिन पुलिस की कार्रवाई रिपोर्ट पर अदालत आगे विचार करेगी. आरोपों की पुष्टि अदालत में अंतिम रूप से नहीं हुई है. मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और आरोपियों का पक्ष सुनवाई के दौरान सामने आना बाकी है.

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