फीफा वर्ल्ड कप: 60 साल बाद बना रिकॉर्ड, फिर भी नहीं टूटी स्पेन की दीवार; रोनाल्डो का विश्व कप सपना खत्म

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क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने नम आंखों से लिया विदा (फोटो-सोशल मीडिया)

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप खेलने का सपना अधूरा रह गया, क्योंकि पुर्तगाल को स्पेन के हाथों हार का सामना करना पड़ा. 60 साल का रिकॉर्ड टूटा, लेकिन स्पेन की जीत पक्की हुई. रोनाल्डो ने अपने आखिरी विश्व कप मुकाबले में 17 प्रयास किए, लेकिन गोल नहीं कर सके.

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विश्व फुटबॉल के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप खिताब जीतने का सपना आखिरकार अधूरा रह गया. फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में पुर्तगाल को स्पेन के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ ही रोनाल्डो के शानदार विश्व कप करियर का भी अंत हो गया.

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डलास में खेले गए इस मुकाबले में पुर्तगाल ने आखिरी मिनट तक संघर्ष किया, लेकिन मिकेल मेरिनो के निर्णायक गोल ने स्पेन को जीत दिला दी. 41 वर्षीय रोनाल्डो ने मैच में गोल करने के लिए कुल 17 प्रयास किए, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन और मजबूत रक्षापंक्ति को भेदने में सफल नहीं हो सके. 60 वर्षों में यह पहला मौका रहा जब किसी खिलाड़ी ने विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में इतने अधिक प्रयास किए, लेकिन गोल नहीं कर पाया.

रोनाल्डो के नाम क्लब और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं. अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 146 गोल करने वाले वह दुनिया के पहले खिलाड़ी हैं. इसके अलावा यूरो कप इतिहास में भी उनके नाम सबसे ज्यादा गोल दर्ज हैं. बावजूद इसके, विश्व कप ट्रॉफी उनके करियर की सबसे बड़ी अधूरी ख्वाहिश बनकर रह गई.

छह विश्व कप खेलने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल

रोनाल्डो ने 2006 विश्व कप में अपने सफर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026 विश्व कप में भी पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व किया. वह छह अलग-अलग विश्व कप खेलने वाले दुनिया के चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं. विश्व कप में उन्होंने कुल 27 मैच खेले और 11 गोल दागे.

उनके विश्व कप करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2006 में आया था, जब पुर्तगाल सेमीफाइनल तक पहुंचने में सफल रहा था. इसके बाद टीम कई बार दावेदार मानी गई, लेकिन खिताब जीतने का सपना कभी पूरा नहीं हो सका.

संन्यास पर बाद में लेंगे फैसला

मैच के बाद भावुक रोनाल्डो ने कहा कि इस तरह विश्व कप अभियान का खत्म होना निराशाजनक है. उन्होंने कहा, "मैंने मैदान पर अपना सब कुछ दिया. मैं साफ अंतरात्मा के साथ जा रहा हूं. यह मेरा आखिरी विश्व कप था. अब मैं परिवार के साथ समय बिताऊंगा और भविष्य को लेकर कोई जल्दबाजी में फैसला नहीं करूंगा."

पुर्तगाल को दिलाई नई पहचान

रोनाल्डो के आने से पहले पुर्तगाल को प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की टीम तो माना जाता था, लेकिन बड़ी ट्रॉफियां जीतने वाली टीम नहीं. उनकी कप्तानी में पुर्तगाल ने 2016 में यूरो कप जीतकर इतिहास रचा. इसके अलावा टीम ने कई बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया और विश्व फुटबॉल की महाशक्तियों में अपनी जगह बनाई.

स्पेन की दीवार फिर रही अभेद्य

दूसरी ओर स्पेन ने अपनी रक्षात्मक मजबूती का शानदार प्रदर्शन जारी रखा. गोलकीपर उनाई सिमोन की अगुआई में टीम ने लगातार छठे मैच में क्लीन शीट रखते हुए नया विश्व कप रिकॉर्ड बना दिया. स्पेन ने इस उपलब्धि के साथ इटली और स्विट्जरलैंड के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली.

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