RR vs KKR, IPL 2022: वाइड गेंद भी डीआरएस के दायरे में हो, आरसीबी के पूर्व कोच डेनियल विटोरी ने की मांग

सोमवार को राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच एक रोमांचक मुकाबला हुए. आखिरी ओवर में केकेआर ने जीत दर्ज की. लेकिन फिल्ड अंपायर के कुछ फैसलों पर राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन नाराज दिखे. खासकर आखिरी ओवर में दिये गये दो वाइड गेंद के फैसले उन्हें सही नहीं लगे.
राजस्थान रॉयल्स बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मैच में सोमवार को एक दिलचस्प घटना देखी गयी. जहां रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन ने बेहद हताशा में एक निर्णय की समीक्षा (डीआरएस) करने का फैसला किया. क्योंकि बल्लेबाज रिंकू सिंह के क्रीज के चारों ओर घूमने के बाद भी फिल्ड अंपायर ने प्रसिद्ध कृष्ण की गेंद को दो बार वाइड करार दिया. गेंद को खेलने की कोशिश करते हुए रिंकू सिंह स्टंप्स से काफी आगे बढ़कर खेल रहे थे.
फिल्ड अंपायर के फैसले से नाराज राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन ने डीआरएस की मांग की. हालांकि डीआरएस में थर्ड अंपायर ने इस बात की पुष्टि की कि गेंद बल्लेबाज के बैट से नहीं टकरायी थी. वाइड पर आईसीसी के नियम 22.4.1 के अनुसार, अंपायर किसी गेंद को वाइड के रूप में नहीं मानेगा, अगर स्ट्राइकर, हिलने से या तो गेंद को उसके वाइड पास करने का कारण बनता है, या गेंद को पर्याप्त रूप से पहुंच के अंदर लाता है.
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लेकिन वाइड देने का अंतिम निर्णय फिल्ड अंपायर ही करते हैं. आरसीबी के पूर्व कोच और कप्तान डेनियल विटोरी को हालांकि लगता है कि डीआरएस का इस्तेमाल कड़े फैसले लेने के लिए किया जाना चाहिए ताकि अगर कोई गलती हो तो उसे सुधारा जा सके. उन्होंने कहा कि बिल्कुल, खिलाड़ियों को वाइड्स की समीक्षा करने की अनुमति दी जानी चाहिए. खिलाड़ियों को ऐसे महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय लेने में सक्षम होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि कई बार मुकाबले इतने रोमांचक हो जाते हैं कि खिलाड़ियों को अंपायर का फैसला सही नहीं लगता है. ऐसे में खिलाड़ियों को निर्णय की समीक्षा का अधिकार दिया गया है. डीआरएस के बाद कई बार फैसलों के उलटते भी देखा गया है. कई बार अंपायर का एक गलत फैसला किसी टीम और उनके खिलाड़ियों पर भारी पड़ जाता है. बता दें कि नये नियमों के तहत कई बार थर्ड अंपायर नो बॉल पर फैसला देते हैं.
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सोमवार के मुकाबले में भी जब वाइड के बाद विकेट के पीछे से संजू सैमसन ने डीआरएस का सहारा लिया तो उसका असली मकसद यही था कि गेंद वाइड है या नहीं इसको देखा जाए. लेकिन नियमों के तहत अब तक थर्ड अंपायर को वाइड गेंद पर फैसला लेने का अधिकार नहीं दिया गया है. हां कई बार लेग अंपायर भी वाइड गेंद के लिए कॉल लेते हैं. केकेआर ने सोमवार को जीत के साथ प्लेऑफ की उम्मीदें बरकरार रखी हैं.
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