Ind vs Nz: भारत मैच कहां हारा, आकाश चोपड़ा ने रोहित के निर्णय पर उठाया सवाल
Ind vs Nz: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले मैच में भारत को 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है. भारत को चिन्नास्वामी स्टेडियम में 2005 के बाद पहली हार मिली है. आकाश चोपड़ा ने अपने निजी चैनल पर इसके कारणों को लेकर चर्चा की है.
Ind vs Nz: मैच में भारत को करारी हार मिली है. पहली पारी में भारत की पूरी टीम 46 रन पर आउट हो गई, कोहली और के एल राहुल समेत भारत के 5 बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल पाए. न्यूजीलैंड के गेंदबाज मैट हेनरी और ओरोउर्के ने शानदार गेंदबाजी की. भारत के ब्लंडर के बाद कीवी बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन कर स्कोर बोर्ड पर 402 रन टांग दिए और भारत से 356 रन की लीड ले ली. भारत ने दूसरी पारी में जबर्दस्त वापसी की और 462 रन का स्कोर खड़ा किया, लेकिन न्यूजीलैंड की लीड के आगे यह स्कोर नाकाफी रहा. भारत ने न्यूजीलैंड के सामने 107 रनों का लक्ष्य रखा. न्यूजीलैंड ने 2 विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल कर लिया.
भारत की हार पर अपनी विशेषज्ञ राय रखते हुए आकाश चोपड़ा ने कुछ सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि पहले इनिंग्स में तो तूफान आया. लेकिन सेकेंड इनिंग्स में तो संभले थे और आपको मालूम था, सिर्फ बात जो तंग कर सकती है वो नई बॉल की थ्रेट है उससे पार पाना है. यहां पर अगर कुछ गड़बड़ नहीं हुई तो हम पारी घोषित करने की स्थिति में पहुंचेंगे. लेकिन भारत की पारी दूसरी गेंद से खेल ही नहीं पाई और सभी एक-एक कर आउट होते चले गए.
रोहित की कप्तानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहली इनिंग में लगातार स्पिन बॉलर से ही गेंदबाजी कराते चले गए. टिम साउदी जब बैटिंग करने आए, तो न्यूजीलैंड के 223 पर 7 विकेट गिर चुके थे. रचिन रवींद्र और साउदी ने 137 रन की साझेदारी कर न्यूजीलैंड को आरामदायक स्थिति में पहुंचा दिया. वहां एक मौका था लेकिन इस जगह पर रोहित का नई गेंद का इंतजार करना भारत को भारी पड़ गया.

अश्विन से बॉलिंग क्यों नहीं?
लेकिन सबसे ज्यादा सप्राइजिंग रहा, रोहित का दूसरी पारी में अश्विन से बॉलिंग न कराना. आप की टीम का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज है, उसके पास सबसे ज्यादा विकेट हैं, पर आप उससे बॉलिंग ही नहीं कराते. बुमराह के लंबे स्पेल चलाया जो समझ आता हैं, लेकिन दूसरे एंड से कम से कम अश्विन का इस्तेमाल कर सकते थे. मैच में जब 17 रन बनाने को बचे थे तब उनको लाते हैं, तब तक मैच में कुछ बचा ही नहीं था. इससे अच्छा बॉलिंग न ही कराते. लगता है भारतीय टीम ने हथियार ही डाल दिए थे. अश्विन ने सिर्फ 2 ओवर ही गेंदबाजी की.
हालांकि रोहित ने पोस्ट मैच प्रेस कांफ्रेंस में अपनी टीम का बचाव करते हुए कहा कि हमारी टीम ने फाइट बैक किया और हम गेम में अंत तक रुकना चाहते थे और विरोधी टीम के लिए जीत आसान नहीं हो. पहले दिन हम 46 पर आउट हो गए, लेकिन हम उनको ज्यादा आगे नहीं जाने देना चाहते थे. रचिन और साउदी के बीच साझेदारी थोड़ी ज्यादा चल गई. लेकिन दूसरी पारी में हमारे खिलाड़ियों ने अच्छा खेल दिखाया और एक समय लगा कि हम मैच में आगे हैं, और हमारा सारा ध्यान न्यूजीलैंड पर दबाव डालने पर था, लेकिन उन्होंने अच्छा खेल दिखाया.
भारत आखिरी बार 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में टेस्ट हारा था. तब से भारत ने इस स्थान पर आठ टेस्ट खेले, जिनमें से पांच में जीत हासिल की, जबकि तीन ड्रॉ पर समाप्त हुए. न्यूजीलैंड ने बेंगलुरु में पहले तीन टेस्ट खेले थे और उनमें से प्रत्येक में उसे हार मिली थी. 1988 के बाद पहली बार न्यूजीलैंड ने भारत में कोई मैच जीता है. भारत में हुए 36 मैचों में भारत ने 17 तो न्यूजीलैंड ने सिर्फ 2 मैच जीते थे.

वाशिंगटन सुंदर भारतीय टीम में शामिल
तीन मैचों की सीरीज का यह पहला मैच था. अभी भारत को दो मैच और खेलने हैं. भारत और न्यूजीलैंड का अगला मैच 24-28 अक्टूबर तक पुणे में खेला जाएगा और सीरीज का आखिरी मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैच में न्यूजीलैंड के नियमित कप्तान केन विलियम्सन चोट की वजह से नहीं खेल पाए थे. अगले मैच तक उनके फिट होने की उम्मीद है. भारतीय टीम में भी ओपनर शुभमन गिल भी गले में समस्या की वजह से मैच से बाहर हुए थे. भारत ने अपनी 15 सदस्यीय ���ीम में वाशिंगटन सुंदर को भी शामिल कर लिया है. सुंदर भारत की ऑलराउंडर की कमी को पूरा करेंगे.
अगले दो मैचों के लिए भारत की टीम
रोहित शर्मा (कप्तान), जसप्रीत बुमराह (उपकप्तान), यशस्वी जयसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, सरफराज खान, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप, वाशिंगटन सुंदर.
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By अनन्त नारायण शुक्ल
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