England vs Pakistan : पाकिस्तान क्रिकेट टीम अभी भी पहुंच सकती हैं सेमीफाइनल में, बशर्ते ये हो समीकरण...
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 11 Nov 2023 4:04 PM
Kolkata: England's captain Jos Buttler and Pakistan's captain Babar Azam during toss before the ICC Men's Cricket World Cup 2023 match between England and Pakistan, at the Eden Gardens, in Kolkata, Saturday, Nov. 11, 2023. England won the toss and chose to bat. (PTI Photo/Swapan Mahapatra) (PTI11_11_2023_000075A)
Pakistan vs England मैच से पहले भी स्थिति स्पष्ट ही है, लेकिन क्रिकेट अनिश्चितता का खेल है इसलिए अभी भी कुछ गणित लगाए जा रहे हैं, जो यह कह रहे हैं कि पाकिस्तान की उम्मीद अभी भी शेष है.

World Cup 2023 : आईसीसी विश्वकप 2023 के लिए सेमीफाइनल की टीम लगभग तय हो चुकी है. आज पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाले मैच के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी.

Pakistan vs England मैच से पहले भी स्थिति स्पष्ट ही है, लेकिन क्रिकेट अनिश्चितता का खेल है इसलिए अभी भी कुछ गणित लगाए जा रहे हैं, जो यह कह रहे हैं कि पाकिस्तान की उम्मीद अभी भी शेष है.

वहीं लीग मैच में पाकिस्तान की लगातार हार और सेमीफाइनल में ना पहुंचने की स्थिति पर उनके देश में ही बाबर सेना को खूब ट्रोल किया जा रहा है. पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वसीम अकरम ने एक लाइव शो के दौरान मजाकिया अंदाज में बाबर सेना पर टिप्पणी की.

वसीम अकरम ने पाकिस्तान की टीम को ट्रोल करते हुए कहा कि वह अभी भी सेमीफाइनल खेल सकती है. लेकिन इसके लिए उन्हें इंग्लैंड के खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम में लाॅक करके टाइम आउट करना होगा.

पाकिस्तान के प्रदर्शन से वसीम अकरम खासे नाराज हैं और उन्होंने लाइव शो में यह भी कहा है था कि खिलाड़ियों की फिटनेस बहुत ही खराब है. वे यह भी कह चुके हैं कि पिछले दो साल से इनका कोई फिटनेस टेस्ट नहीं हुआ है.

खास बात यह है कि वसीम अकरम ने ये बातें मजाकिया अंदाज में नहीं कही, बल्कि वे इन बातों को काफी नाराज होकर कह रहे थे. वसीम अकरम का कहना था कि कोई भी खिलाड़ी जिम्मेदारी के साथ नहीं खेल रहा है.

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम विश्व कप में अपने लचर प्रदर्शन की वजह से सोशल मीडिया में खूब ट्रोल हो रही है और टीम के खराब परफार्मेंस पर खूब मीम्स भी बन रहे हैं. Pakistan Cricket Team आज विश्व कप में अपना अंतिम मैच खेल रही है. अबतक पाकिस्तान ने आठ मैच खेले हैं और उनमें से चार उसने जीता और चार हारा है. कुल अंक आठ है और प्वाइंट टेबल में वह पांचवें स्थान पर है.

इंग्लैंड के साथ आज खेले जा रहे मैच को लेकर भी सोशल मीडिया में खूब मीम्स वायरल हैं. जिसमें से एक मीम्स में यह कहा जा रहा है कि जैसे ही टाॅस हुआ पाकिस्तानी टीम और उनके फैंस अंडरग्राउंड हो गए.

Pakistan vs England के मैच में इंग्लैंड के टाॅस जीतने के बाद एक वीडियो खूब शेयर किया जा रहा जिसमें वसीम अकरम और उनके साथ कुछ और पाकिस्तानी क्रिकेट झूमते नजर आ रहे हैं, इसकी वजह यह बताया जा रहा है कि ये लोग खुश है, क्योंकि अब सेमीफाइनल में उनकी भारत के हाथों फजीहत नहीं होगी.
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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