#HappyBirthdayViru अलग अंदाज में मिल रही है शुभकामनाएं

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्ली : नजफगढ़ के नवाब और शानदार बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग आज 38 साल के हो गये. वीरू को सोशल नेटवर्किंग साइट पर ढेर सारी शुभकामनाएं मिल रही है. वीरू का जन्मदिन इतना खास है कि टि्वटर पर शुभकामनाओं का सदेंश ट्रेंड कर रहा है. सहवाग ने भी शुभकामनाओ के कई ट्वीट्स रिटि्वट किये हैं. उनके प्रशंसकों ने कई तरह से उन्हें शुभाकामनाएं दी है जिसमें उनकी शानदार बल्लेबाजी और क्रिकेट करियर की भी खूब चर्चा है.

मशहूर क्रिकेट कमेंटर हर्षा भोगले ने सहवाग को उन्ही के अंदाज में शुभकामनाएं दी. उन्होंने लिखा, अलग सोच अलग लय ना जाना तुमने कभी भय , तरीका आपका पैसा वसूल सालगिरह की दुआएं कीजिए कबूल. हर्षा के इस ट्वीट का सहवाग ने जवाब भी अपने अंदाज में दिया उन्होंने लिखा, कबूल है भोगले ही धन्यवाद आपकी शुभकामना के लिए इक हर्षा है जिसकी आवाज के लिए जनता तरसा है.

हर्षा के साथ साथ वीरू को कई लोगों ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दी जिसमें सुपरस्टार अमिताभ बच्चन, बॉक्सर विजेंन्द्र सिंह, अजीत अगरकर जैसे कई नाम शामिल है. वीरू भले ही क्रिकेट से रिटायर हो गये हों लेकिन उन्होंने अपनी क्रिकेट कमेंट्री के अलग तरीके से अपनी पहचान बना ली है. इसके अलावा वो सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी एक्टिव रहते हैं. उनके जवाब देने और सवाल उठाने का तरीका अलग होता है. वह कई गंभीर बातें मजाकिया लहजे में कह जाते हैं.
सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को हरियाणा के एक जाट परिवार में हुआ. सहवाग तीसरी संतान थे उनकी दो बड़ी बहनें मंजू और अंजू हैं जबकि उनसे छोटा एक भाई है. सहवाग के पिता किशन सहवाग को उसी वक्त वीरू के क्रिकेट के प्रति प्यार का पता चला जवब वह छोटे थे उनका पहला खिलौना क्रिकेट बैट ही थी.बारह साल की उम्र में क्रिकेट के दौरान जब अपना दाँत तुड़वाकर घर पहुँचा तो पिता ने उसके क्रिकेट खेलने पर रोक लगा दी. मां की अनुमति के बाद वीरू वापस क्रिकेट खेलने लगे. उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर फैन्स को कई ऐसे मौके दिये हैं जब उन्हें झुककर सलाम करने की इच्छा हुई.
सहवान और सचिन की ओपनिंग जोड़ी अबतक की सबसे बेस्ट जोड़ी मानी जाती है. हालांकि दोनों रिटायर्ड हो गये हैं लेकिन अब भी दोनों का रिश्ता उसी तरह मजबूत है. कुछ दिन पहले की बात है जब वीरेंद्र सहवाग ने ट्विटर के जरिये सचिन तेंदुलकर से कमेंट्री के लिए हौसला मांगा था. सहवाग ने अपने ट्विटर पेज में लिखा था 'ओ गॉडजी, कभी-कभी कमेंटेटर्स का भी हौसला बढ़ा दिया कीजिए, थोड़ा मोटीवेशन मिल जाएगा.' इसके जवाब में तेंदुलकर ने भी लिखा था कि 'जियो मेरे लाल. तथास्‍तु.'
सहवाग ने अपनी अलग पहचान अगस्त 2001 में श्रीलंका में खेले गए ट्राई सीरीज में बनायी. चोटिल होने की वजह से इस सीरीज के लिए सचिन तेंदुलकर का चयन नहीं हुआ था. अगर इस बार सहवाग अपनी क्षमता नहीं दिखाते तो उन्हें हमेशा के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदा हो जाते. 2 अगस्त 2001 को कोलंबो में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच खेले गए एक महत्‍वपूर्ण मैच में सलामी बल्लेबाज के रूप में सहवाग ने सिर्फ 70 गेंदों का सामना करते हुए 100 रन बनाया. यह सहवाग के एकदिवसीय करियर का पहला शतक था. इसके बाद सहवाग की कई शतकीय पारी हमने देखी है.
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