नॉ-बॉल फेंका तो लगेगा बैन, BCCI ने लिया अहम फैसला

नो-बॉल फेंकने वाले गेंदबाज पर लगेगा बैन (फोटो- सोशल मीडिया)
बीसीसीआई ने 2026-27 घरेलू क्रिकेट सीजन के लिए प्लेइंग कंडीशंस में कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है. जानबूझकर नो-बॉल फेंकने वाले गेंदबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से लेकर दिन के आखिरी ओवर और कोच के मैदान पर आने जैसे नियमों में बदलाव किया गया है.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 2026-27 घरेलू सीजन से पहले प्लेइंग कंडीशंस में कई बदलाव किए हैं. जानबूझकर नो-बॉल फेंकने वाले गेंदबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. नए नियम के तहत यदि कोई गेंदबाज जानबूझकर फ्रंट-फुट नो-बॉल करता है, तो उसे केवल उस पारी से नहीं बल्कि पूरे मैच से गेंदबाजी करने के लिए बैन कर दिया जाएगा.
बीसीसीआई ने मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) की सिफारिशों के आधार पर किए गए नियमों की सुधार की जानकारी सभी राज्य क्रिकेट एसोसिएशन को भेज दी है. ‘प्लेइंग कंडीशंस’ के नियम 41.8 में किए गए बदलाव के अनुसार किसी गेंदबाज को पूरे मैच से निलंबित करने का फैसला मैदान पर मौजूद अंपायर लेंगे.
दिन के आखिरी ओवर को लेकर भी नया नियम
बीसीसीआई ने दिन के खेल की समाप्ति से जुड़े नियम में भी बदलाव किया है. अब यदि दिन के अंतिम ओवर के दौरान कोई विकेट गिरता है, तब भी वह ओवर पूरा कराया जाएगा. पहले अंतिम ओवर के बीच में विकेट गिरने पर उसी समय स्टंप्स का ऐलान कर दिया जाता था. एमसीसी का मानना था कि पुराने नियम के कारण दिन के अंत में आने वाले नए बल्लेबाज को क्रीज पर समय बिताने का मौका नहीं मिल पाता था. इसी वजह से नियम 12.5.2 में संशोधन किया गया है.
अंतिम पारी में नहीं कर सकेंगे डिक्लेरेशन
नियम 15.2 में भी बदलाव किया गया है. अब किसी मैच की अंतिम पारी में कोई टीम पारी घोषित (डिक्लेयर) या पारी छोड़ने (फॉरफिट) का विकल्प नहीं अपना सकेगी. क्रिकेट के नियम बनाने वाले अधिकारियों का मानना था कि इस नियम का इस्तेमाल कर कुछ टीमें मैच का नतीजा प्रभावित करने की कोशिश कर सकती हैं, जो खेल भावना के खिलाफ है. इसी वजह से अंतिम पारी में डिक्लेयर या फॉरफिट करने का विकल्प हटा दिया गया है.
कोच को मैदान पर आने की अनुमति
एकदिवसीय घरेलू मुकाबलों में अब टीम के मुख्य कोच को ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर आने की अनुमति होगी. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी आईसीसी इसी तरह का नियम लागू करने पर विचार कर रहा है. इस बदलाव का उद्देश्य खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच बेहतर संवाद सुनिश्चित करना है.
विकेटकीपरों को मिली राहत
विकेटकीपिंग नियमों में भी सुधार किया गया है. अब विकेटकीपर को केवल गेंद फेंके जाने के समय ही अपने दस्ताने स्टंप्स के पीछे रखने होंगे. पहले गेंदबाज के रन-अप शुरू होते ही विकेटकीपर को पूरे समय अपने दस्ताने स्टंप्स के पीछे रखने पड़ते थे. इस नियम के कारण पहले कई बार गेंद को नो-बॉल करार दिया गया था या स्टंपिंग को अमान्य घोषित करना पड़ा था. नए बदलाव से ऐसी स्थितियों में कमी आने की उम्मीद है.
दिलीप ट्रॉफी से लागू होंगे नए नियम
अगले महीने दिलीप ट्रॉफी से घरेलू सत्र की शुरुआत होगी और इसी के साथ ये नए नियम भी लागू हो जाएंगे. राज्य क्रिकेट एसोसिएशन ने अंपायरों और मैच रेफरी को इन बदलावों की जानकारी देना शुरू कर दिया है. बीसीसीआई के एक अधिकारी के अनुसार, मैच अधिकारियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि नए नियमों को बेहतरीन तरीके से लागू किया जा सके. घरेलू सेशन शुरू होने में अभी लगभग एक महीने का समय है और बोर्ड इस दौरान सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करेगा.
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