विश्व बैडमिंटन महासंघ को बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद की सलाह, कहा- कोविड 19 के बाद इस तरह करें खेल का संचालन

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भारत के राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद चाहते हैं कि बीडब्ल्यूएफ कोविड-19 के बाद की दुनिया में इस खेल के सुचारू रूप से संचालन के लिए कुछ नये तरीके अपनाये

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भारत के राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद चाहते हैं कि विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) कोविड-19 के बाद की दुनिया में इस खेल के सुचारू रूप से संचालन के लिए कुछ नये तरीके अपनाये और उन्होंने एक स्थल पर अधिक टूर्नामेंट के आयोजन का भी सुझाव दिया. विश्व भर में अब तक 41 लाख से अधिक लोगों को संक्रमण में लेने वाले और तीन लाख लोगों की मौत का कारण बने कोरोना वायरस की वजह से बीडब्ल्यूएफ ने ओलंपिक क्वालीफायर्स सहित अपनी सभी प्रतियोगिताओं को जुलाई तक निलंबित कर दिया है.

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गोपीचंद ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘बीडब्ल्यूएफ को स्वास्थ्यकर्मियों से बात करनी चाहिए. प्रारूप को संशोधित करना चाहिए. टूर्नामेंट के ढांचे को बदलना चाहिए. वह सब कुछ करना चाहिए जो कि जरूरी हो. ” उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कहने का मतलब है कि अगर कुछ नया करने की जरूरत है तो उसे करो और खेल को आगे बढ़ाओ. ” अंतरराष्ट्रीय सर्किट को बचाने के लिए बीडब्ल्यूएफ ने थामस और उबेर कप जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं को अक्टूबर तक स्थगित कर दिया और भारत सहित सभी संबंधित देशों को निलंबित ओलंपिक क्वालीफायर्स के लिए नयी तिथियां तय करने को कहा

गोपीचंद ने कहा, ‘‘मेरी चिंता यह है कि आप तिथियां बदलने की कोशिश कर रहे हो लेकिन मुझे लगता है कि शायद सोच में बदलाव लाने की जरूरत है. अगर ऐसा ही चलता रहा और पूरे जत्थे को फिर से विभिन्न देशों की यात्रा करनी पड़ी है तो यह खिलाड़ियों को जोखिम में डालने वाला होगा. ” बैडमिंटन खिलाड़ियों को लगभग हर सप्ताह नये टूर्नामेंट के लिए यात्रा करनी पड़ती है. गोपीचंद ने कहा कि इसमें परिवर्तन होना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह कहना चाहता हूं कि टूर्नामेंट के लिए योजना इस तरह से बनानी चाहिए कि खिलाड़ी अधिकतर टूर्नामेंटों को खेलने के लिए एक स्थान पर ही रहें.

आगे ऐसा आम हो सकता है. ” ऐसा माना जा रहा है कि वैश्विक स्वास्थ्य संकट को देखते हुए खेलों को शुरू में दर्शकों के बिना खाली स्टेडियमों में खेला जाएगा. गोपीचंद ने कहा, ‘‘अगर दर्शक नहीं होते हैं और खेल टीवी और इंटरनेट तक ही सीमित रहेगा तो फिर यह मायने नहीं रखेगा कि आप इनका आयोजन तीन अलग अलग स्थानों पर कर रहे हो या खिलाड़ियों को तीन सप्ताह के लिए एक स्थान पर ही रखते हो. ” उन्होंने कहा, ‘‘टूर्नामेंट को तीन स्थानों जैसे इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर में आयोजित करने के बजाय उन्हें एक स्थान पर आयोजित करो. ” इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर को तीन महत्वपूर्ण ओलंपिक क्वालीफायर्स की मेजबानी करनी है. इसके अलावा भारत को भी एक टूर्नामेंट की मेजबानी करनी है.

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