खुद का नाम बार बार लेने से भी बचना जरूरी, जानें क्या कहते हैं आचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी
Published by : Shaurya Punj Updated At : 11 Apr 2026 10:16 AM
आचार्य पुंडरीक गोस्वामी के अनुसार किनका नाम ना लें
Pundarik Goswami teachings: आचार्य पुंडरीक गोस्वामी के अनुसार, व्यक्ति को तीन नाम लेने से बचना चाहिए. जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता, महत्व और जीवन में इसका सकारात्मक प्रभाव.
Pundarik Goswami teachings: धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं में कुछ ऐसे नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. विद्वान पुंडरिक गोस्वामी के अनुसार, तीन ऐसे नाम हैं जिन्हें लेने से बचना चाहिए, क्योंकि यह हमारे संस्कार, विनम्रता और आध्यात्मिक मर्यादा से जुड़ा हुआ विषय है.
अपना नाम स्वयं न लें
धार्मिक दृष्टि से माना जाता है कि व्यक्ति को स्वयं अपना नाम बार-बार नहीं लेना चाहिए. ऐसा करना अहंकार का प्रतीक माना जाता है. जब व्यक्ति खुद का नाम लेता है, तो वह अपने ‘अहं’ को बढ़ावा देता है, जो आध्यात्मिक उन्नति में बाधा बन सकता है. इसलिए हमेशा विनम्रता के साथ स्वयं को “मैं” या अन्य सामान्य संबोधन से व्यक्त करना बेहतर माना गया है.
गुरु का नाम सीधे न लें
भारतीय संस्कृति में गुरु को भगवान से भी ऊंचा स्थान दिया गया है. गुरु का नाम सीधे लेना अनादर की श्रेणी में आता है. यह माना जाता है कि गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान बनाए रखने के लिए उनके नाम के साथ ‘जी’, ‘गुरुदेव’ या अन्य सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग करना चाहिए. इससे न केवल संस्कार प्रकट होते हैं, बल्कि गुरु की कृपा भी बनी रहती है.
बड़े पुत्र का नाम न लें
परंपरागत मान्यताओं के अनुसार, बड़े पुत्र को परिवार का उत्तराधिकारी और सम्मान का प्रतीक माना जाता है. इसलिए माता-पिता को उसके नाम का सीधे उच्चारण करने से बचना चाहिए. यह सम्मान और मर्यादा का प्रतीक माना जाता है. इसके स्थान पर प्यार भरे या आदरयुक्त संबोधन का उपयोग करना अधिक उचित होता है.
क्या है इसका महत्व?
इन तीनों बातों का मूल उद्देश्य व्यक्ति के भीतर विनम्रता, सम्मान और संस्कार को बनाए रखना है. यह नियम केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक व्यवहार को भी बेहतर बनाते हैं. जब हम इन बातों का ध्यान रखते हैं, तो हमारे रिश्तों में मिठास और सम्मान दोनों बने रहते हैं.
जीवन में छोटी-छोटी परंपराएं और नियम ही बड़े संस्कारों की नींव बनते हैं. यदि हम इन तीन नामों को लेने से बचते हैं, तो यह हमारे भीतर आदर, विनम्रता और आध्यात्मिक संतुलन को मजबूत करता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










