भौमवती अमावस्या पर साल का पहला सूर्य ग्रहण, करें ये उपाय, जानें समय

Published by : Neha Kumari Updated At : 16 Feb 2026 1:45 PM

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सूर्य ग्रहण (एआई निर्मित तस्वीर)

Surya Grahan 2026: 17 फरवरी को साल का पहला सूर्य ग्रहण भौमवती अमावस्या के दुर्लभ संयोग में लगेगा. आइए जानते है ज्योतिषाचार्य दीप्ति शर्मा के माध्यम से इस विशेष संयोग का क्या प्रभाव पड़ सकता? साथ कुछ उपायों के बारें में भी जानेगें, जिन्हें इस दिन करना फलदायक माना गया है.

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Surya Grahan 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को लगेगा. खास बात यह है कि यह ग्रहण भौमवती अमावस्या के दिन पड़ रहा है, जिसके कारण धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.  

कुंभ राशि में ‘पंचग्रही’ हलचल

ज्योतिषाचार्य दीप्ति शर्मा के अनुसार,  यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में घटित होगा. इस दौरान सूर्य के साथ राहु, बुध, शुक्र और चंद्रमा भी कुंभ राशि में स्थित रहेंगे. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और राहु की युति को ग्रहण योग कहा जाता है, जिसे पारंपरिक रूप से कुछ अशुभ प्रभावों से जोड़ा जाता है. हालांकि इसका असर व्यक्ति की कुंडली और अन्य ग्रह स्थितियों पर भी निर्भर करता है.

भौमवती अमावस्या और सूर्य ग्रहण के संयोग पर करें ये उपाय

  1. कर्ज मुक्ति के लिए: हनुमान जी के मंदिर में त्रिकोणीय लाल झंडा अर्पित करें. इससे यश की प्राप्ति होती है और शत्रुओं पर विजय मिलती है.
  2. आर्थिक लाभ हेतु: शिवलिंग पर काले तिल और गुड़ अर्पित करें. यह उपाय पितृ दोष और दुर्घटनाओं से रक्षा करता है.
  3. मनोकामना पूर्ति: केले के पत्ते पर हल्दी से अपनी इच्छा लिखकर गणेश मंदिर में चढ़ाएं. इससे रुके हुए कार्य और मकान बनने के योग बनते हैं.

कैसा होगा यह सूर्य ग्रहण?

खगोल विज्ञान के अनुसार, यह एक वलयाकार (Annular) सूर्य ग्रहण होगा. इस स्थिति में चंद्रमा सूर्य के मध्य भाग को पूरी तरह से ढक लेता है, जिससे सूर्य के किनारे किसी चमकदार कंगन या अंगूठी की तरह दिखाई देते हैं. इस अद्भुत दृश्य को ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है.

क्या भारत में दिखेगा ग्रहण?

भारतीय स्काइवॉचर्स के लिए थोड़ी निराशाजनक खबर है. यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. यह मुख्य रूप से अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में ही नजर आएगा. चूँकि भारत में यह दृश्य नहीं है, इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा. मंदिर के कपाट बंद नहीं होंगे और सभी धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकेंगे.

सूर्य ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)

घटनासमय
ग्रहण का प्रारंभदोपहर 3 बजकर 26 मिनट
मध्य (पीक)शाम 5 बजकर 42 मिनट
ग्रहण की समाप्तिरात 7 बजकर 57 मिनट
कुल अवधि4 घंटे 32 मिनट

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लेखक के बारे में

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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