श्रावणी मेला 2026: पहले ही दिन बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह 4:05 बजे से शुरू हुआ जलार्पण

बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ा जनसैलाब
श्रावणी मेला 2026 के पहले दिन देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली. परंपरा के अनुसार सुबह 3:05 बजे मंदिर के पट खोले गए और कच्चा जल पूजा के बाद महंत श्रीश्री सरदार पांडा गुलाबनंद ओझा ने विशेष पूजा-अर्चना की. सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की व्यापक तैनाती रही. पूरे दिन "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से बाबा नगरी भक्तिमय माहौल में सराबोर रही.
Shravani Mela 2026: श्रावणी मेला 2026 के शुभारंभ के साथ देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सावन के पहले दिन तड़के मंदिर के पट खुलने के बाद वैदिक विधि से पूजा हुई और सुबह 4:05 बजे से जलार्पण शुरू हुआ.
श्रावणी मेला 2026 का हुआ भव्य शुभारंभ
राजकीय श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत गुरुवार को पूरे धार्मिक उत्साह और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ हुई. तड़के 3:05 बजे बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पट खोले गए. इसके बाद रात्रि में अर्पित पूजा सामग्री हटाकर बाबा भोलेनाथ की कच्चा जल पूजा संपन्न कराई गई. इस दौरान मंदिर परिसर में पुरोहित समाज के अनेक सदस्य मौजूद रहे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए.
महंत ने की विशेष पूजा, 4:05 बजे शुरू हुआ जलार्पण
सावन के प्रथम दिन मंदिर के महंत श्रीश्री सरदार पांडा गुलाबनंद ओझा ने बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की. दूध, दही, वस्त्र और अन्य पूजन सामग्रियों से बाबा का श्रृंगार एवं भोग अर्पित किया गया. पूजा संपन्न होने के बाद सुबह 4:05 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया.
नए ओवरब्रिज से श्रद्धालुओं को मिली बड़ी राहत
इस वर्ष प्रशासन द्वारा कूपनधारी और सामान्य श्रद्धालुओं की अलग-अलग कतारों के लिए बनाए गए नए ओवरब्रिज का सकारात्मक असर देखने को मिला. इससे भीड़ प्रबंधन बेहतर हुआ और जलार्पण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित एवं तेज रही. सुबह श्रद्धालुओं की कतार तिवारी चौक तक रही, जबकि लगभग 10 बजे तक लाइन संस्कार मंडप तक पहुंच गई. सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी.
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प्रशासन और परंपरा का सफल समन्वय
श्रावणी मेला झारखंड का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है, जहां हर वर्ष लाखों शिवभक्त बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. इस वर्ष प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं और मंदिर प्रबंधन की तैयारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाई है. बेहतर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था ने पहले दिन की व्यवस्थाओं को सफल बनाया.
संजीव कुमार मिश्रा (संवाददाता, देवघर) की रिर्पोट
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By शौर्य पुंज
मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.
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