शीतला अष्टमी क्यों मनाई जाती है? जानें पौराणिक कथा और महत्व

Published by : Shaurya Punj Updated At : 19 Mar 2025 7:20 AM

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Sheetala Ashtami 2025 significance

Sheetala Ashtami 2025: हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी का व्रत अत्यंत पवित्र माना जाता है. यह व्रत प्रत्येक वर्ष चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आयोजित किया जाता है। इस दिन विधिपूर्वक माता शीतला का व्रत और पूजन किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शीतला अष्टमी क्यों मनाई जाती है. आइए जानें यहां इस व्रत को रखने का कारण.

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Sheetala Ashtami 2025: हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी का विशेष महत्व है. यह व्रत हर वर्ष चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन माता शीतला की पूजा और उपासना की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं और वे रोगमुक्त हो जाते हैं. इसे स्थानीय भाषाओं में बासौड़ा, बूढ़ा बसौड़ा या बसियौरा के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन विधिपूर्वक माता शीतला का व्रत और पूजा की जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शीतला अष्टमी का उत्सव क्यों मनाया जाता है? आइए, इस पर्व को मनाने के पीछे के कारणों को विस्तार से समझते हैं.

शीतला अष्टमी  का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष शीतला अष्टमी का व्रत शनिवार, 22 मार्च 2025 को आयोजित किया जाएगा. यह तिथि विशेष रूप से मां शीतला की आराधना के लिए समर्पित है. इस अष्टमी तिथि का समापन अगले दिन, 23 मार्च को सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर होगा. हिंदू धर्म में उदयातिथि को महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए उदयातिथि के अनुसार, शीतला अष्टमी का व्रत 22 मार्च को मनाया जाएगा. इसके अलावा, 22 मार्च को शीतला अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 16 मिनट से प्रारंभ होगा, जो शाम 6 बजकर 26 मिनट तक जारी रहेगा.

शीतला अष्टमी का महत्व

हिंदू धर्म में माता शीतला को संक्रामक बीमारियों से रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है. विशेष रूप से गर्मियों के दौरान, माता शीतला की पूजा से न केवल शरीर की स्वच्छता सुनिश्चित की जाती है, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा भी की जाती है, जो आज के समय में हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है. स्कंद पुराण के अनुसार, माता शीतला का वाहन गर्दभ है. वे अपने हाथों में कलश, सूप, झाड़ू और नीम के पत्ते धारण करती हैं, जो चेचक के रोगियों की समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं. सूप से रोगी को हवा दी जाती है, जबकि झाड़ू से चेचक के फोड़े फट जाते हैं.

नीम के पत्ते फोड़ों के दर्द से राहत प्रदान करते हैं. यह मान्यता है कि शीतला देवी के आशीर्वाद से परिवार में बीमारियों का निवारण होता है, विशेषकर उन बीमारियों का जो गर्मी के मौसम में प्रकट होती हैं, जैसे दाह ज्वर (बुखार) और पीत ज्वर. उनकी पूजा हिंदू समाज में पौराणिक कथाओं, रीति-रिवाजों और पारंपरिक उपायों के माध्यम से की जाती है.

स्कंद पुराण में शीतलाष्टक के रूप में उनकी अर्चना का स्तोत्र उपलब्ध है. ऐसा माना जाता है कि इसे भगवान शंकर ने लिखा था. शीतलाष्टक शीतला देवी की महिमा का वर्णन करता है और भक्तों को उनकी उपासना के लिए प्रेरित करता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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