Sawan Somwar Vrat Katha: सावन का पहला सोमवार आज, इस व्रत कथा के बिना अधूरी है शिवजी की पूजा
Published by : Shaurya Punj Updated At : 14 Jul 2025 11:22 AM
Sawan Somwar Vrat Katha: सावन का पहला सोमवार आज है, और इस पावन अवसर पर भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है. लेकिन व्रत तब तक पूर्ण नहीं माना जाता जब तक शिव व्रत कथा का श्रवण न किया जाए. यह कथा भक्त की आस्था और पुण्य को कई गुना बढ़ा देती है.
Sawan Somwar Vrat Katha: सावन का पहला सोमवार आज 14 जुलाई 2025 को है, जो भगवान शिव की भक्ति के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है. इस दिन शिवभक्त व्रत रखकर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. लेकिन सावन सोमवार की पूजा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक शिव व्रत कथा का श्रवण या पाठ न किया जाए. यह कथा न केवल भगवान शिव की कृपा को आकर्षित करती है, बल्कि मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग भी खोलती है.
Sawan Somwar Vrat Katha: भक्ति, तप और वरदान की दिव्य गाथा
एक समय की बात है, किसी नगर में एक धनी साहूकार रहता था. उसके पास धन-दौलत की कोई कमी नहीं थी, लेकिन संतान न होने का दुःख उसे हमेशा सालता था. संतान प्राप्ति की आशा में वह पूरे श्रद्धा-भाव से सोमवार का व्रत करता और भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा करता था.
सावन की पहली सोमवारी आज, पहाड़ी मंदिर में भक्तों का उमड़ा जनसैलाब
उसकी सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर माता पार्वती ने भगवान शिव से उसकी मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना की. पहले तो शिवजी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार ही फल मिलता है, लेकिन माता के बार-बार अनुरोध करने पर उन्होंने साहूकार को पुत्र रत्न का वरदान दे दिया—साथ ही यह भी कहा कि वह पुत्र केवल 12 वर्ष तक ही जीवित रहेगा.
साहूकार यह बात सुनकर भी विचलित नहीं हुआ और पहले की तरह भगवान शिव की पूजा करता रहा. कुछ समय बाद उसकी पत्नी ने एक सुंदर पुत्र को जन्म दिया. जब वह पुत्र 11 वर्ष का हुआ, तो साहूकार ने उसे पढ़ाई के लिए काशी भेजा. साथ में उसका मामा भी था, जिसे रास्ते में यज्ञ और ब्राह्मणों को भोजन कराने का आदेश मिला था.
राजा की कन्या से अनजाने में विवाह
रास्ते में वे एक राज्य में रुके, जहां एक राजकुमारी का विवाह हो रहा था. दूल्हा एक आंख से काना था, और यह बात छुपाई जा रही थी. राजकुमार के पिता ने साहूकार के पुत्र को अस्थायी दूल्हा बनाकर विवाह कराने की योजना बनाई. विवाह हो गया, लेकिन साहूकार का पुत्र सत्यवादी था. उसने दुपट्टे पर लिखा कि “तुम्हारा विवाह मुझसे हुआ है, न कि उस काने राजकुमार से.” यह पढ़कर राजकुमारी ने अपने माता-पिता को सब बताया, और विवाह रोक दिया गया.
काशी में यज्ञ और मृत्यु
काशी पहुंचकर यज्ञ की तैयारियां शुरू हुईं. जिस दिन वह बालक 12 वर्ष का हुआ, उसी दिन उसकी तबीयत खराब हो गई और उसकी मृत्यु हो गई. मामा का विलाप देखकर उसी मार्ग से गुजर रहीं माता पार्वती को दया आई. उन्होंने भगवान शिव से बालक को पुनर्जीवित करने की प्रार्थना की. पहले तो शिवजी ने मना किया लेकिन अंततः माता पार्वती के आग्रह पर बालक को जीवनदान देना पड़ा.
शिवजी ने सपने में दिया आशीर्वाद
बालक पढ़ाई पूरी कर घर लौटा. माता-पिता पुत्र को देख अत्यंत प्रसन्न हुए. उसी रात भगवान शिव ने सपने में साहूकार को दर्शन दिए और कहा, “हे श्रेष्ठी! तेरी भक्ति और सावन सोमवार व्रत कथा सुनने के फलस्वरूप ही तेरे पुत्र को दीर्घायु प्राप्त हुई है. जो भी श्रद्धा से यह व्रत करेगा और कथा सुनेगा, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी.”
इसलिए सावन सोमवार के दिन यह कथा पढ़ना, सुनना और सुनाना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है. आप भी इस व्रत को श्रद्धा से करें और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करें.
सावन का पहला सोमवार इस वर्ष 14 जुलाई 2025 को पड़ रहा है. यह दिन भक्ति, तपस्या और आत्मिक समर्पण का प्रतीक माना जाता है. सावन सोमवार का व्रत कोई साधारण अनुष्ठान नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति गहरे विश्वास और श्रद्धा का एक दिव्य अभ्यास है, जिसे मनोकामना पूर्ति का श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है.
इस व्रत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है सावन सोमवार व्रत कथा का श्रवण और पाठ. यह कथा एक व्यापारी की कहानी है, जिसकी अटूट शिवभक्ति ने उसे न केवल संतान सुख प्रदान किया, बल्कि उसके पुत्र को मृत्यु के मुंह से भी वापस लौटा दिया.
यह पौराणिक प्रसंग यह दर्शाता है कि सच्चे मन से की गई शिव आराधना जीवन के सबसे कठिन संकटों को भी टाल सकती है और हर प्रकार की कामना को पूर्ण कर सकती है.
इस व्रत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है सावन सोमवार व्रत कथा का श्रवण और पाठ। यह कथा एक व्यापारी की कहानी है, जिसकी अटूट शिवभक्ति ने उसे न केवल संतान सुख प्रदान किया, बल्कि उसके पुत्र को मृत्यु के मुंह से भी वापस लौटा दिया.
यह पौराणिक प्रसंग यह दर्शाता है कि सच्चे मन से की गई शिव आराधना जीवन के सबसे कठिन संकटों को भी टाल सकती है और हर प्रकार की कामना को पूर्ण कर सकती है.
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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