Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष में ब्राह्मण भोज क्यों कराना चाहिए? जानें महत्व

Published by : Neha Kumari Updated At : 12 Sep 2025 6:03 PM

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Pitru Paksha 2025, (AI Image)

Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष में पितरों को प्रसन्न और तृप्त करने के लिए ब्राह्मणों को भोजन कराने की परंपरा है. ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष में ब्राह्मणों द्वारा किया गया भोजन सीधे पूर्वजों तक पहुँचता है. इसलिए हिंदू धर्म में पितृ पक्ष के दौरान ब्राह्मण भोज का विशेष महत्व है.

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Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष का हिंदू धर्म में खास महत्व है. पितृ पक्ष हर साल मरे हुए पितरों को याद करते हुए आश्विन माह के कृष्ण पक्ष में मनाया जाता है. इस दौरान लोग श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं. पितृ पक्ष के दौरान किए गए कर्मकांडों में ब्राह्मण भोज का विशेष महत्व माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्राह्मण को भोजन कराना पितरों को तृप्त करने के समान माना जाता है.

ब्राह्मण भोज का महत्व

माना जाता है कि पितृ पक्ष में ब्राह्मण को भोजन करवाने से पितर प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं. साथ ही घर में सुख-शांति बनी रहती है. बिना ब्राह्मण भोज के श्राद्ध अधूरा माना जाता है. शास्त्रों में कहा गया है कि श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान तभी सफल माना जाता है जब ब्राह्मण को भोजन कराया जाए.
एक मान्यता यह भी है कि पितृ पक्ष में ब्राह्मणों द्वारा ग्रहण किया गया भोजन सीधा पितरों तक जाता है. इससे पितरों की आत्मा को संतुष्टि मिलती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पितृ पक्ष में ब्राह्मणों को भोजन कराने से कुंडली में पितृ दोष दूर होता है और परिवार में बाधाएँ भी समाप्त होती हैं.

पितृ पक्ष में ब्राह्मण भोज कराते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • खाना हमेशा सात्विक और शुद्ध होना चाहिए. इसे पूरी साफ-सफाई और अच्छे मन से तैयार करें.
  • ब्राह्मण भोज में प्याज, लहसुन, चना, मसूर, उड़द, कुलथी, सत्तू और काला जीरा जैसी चीजें बिल्कुल नहीं होनी चाहिए.
  • श्राद्ध के दिन सबसे पहले ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए. उसके बाद ही घर के लोग खाना खाएँ.
  • ब्राह्मणों को भोजन कराते समय उन्हें दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठाना चाहिए, क्योंकि पितरों का वास इसी दिशा में माना जाता है.
  • भोजन के बाद ब्राह्मणों को दक्षिणा और वस्त्र देकर आदरपूर्वक विदा करना चाहिए. ऐसा करने से पितरों की कृपा मिलती है और पितृ दोष दूर होता है.

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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