महाशिवरात्रि पर इन मंत्रों का जाप दिलाएंगे भोलेनाथ की विशेष कृपा

Author :Neha Kumari
Published by :Neha Kumari
Updated at :05 Feb 2026 9:49 PM
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Mahashivratri 2026 Mantra

महाशिवरात्रि 2026

Mahashivratri 2026: महाशिवारात्रि के लिए मंत्रोउच्चारण का विशेष महत्व है. कहते है इस दिन किया गया मंत्र जाप अन्य दिनों की तुलन मे कई गुणा प्रभावशाली है. इस लिए इस महादेव के मंत्रो का उच्चारण जरूर करें. यहां महादेव के कुछ खास मंत्रो के बारें में बताया गया है.

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Mahashivratri 2026: हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को देशभर में  महाशिवरात्रि का पावन त्योहार मनाया जाता है. धार्मिक मान्याताओं के अनुसार, यह वह पावन रात्रि है जब भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा और मंत्रों का जाप से कष्टों का नाश होता है और जिवन में खुशहाली आती है. 

1. पंचाक्षरी मंत्र: सर्वसिद्धिदायक

मंत्र: ॐ नमः शिवाय

महत्व- यह शिव का सबसे सरल और प्रभावशाली मंत्र है. कहा जाता है कि यदि जिवन में तनाव चल रहा हो तो इस मंत्र का जाप करना बहुत है लाभदायक होता है. इसे  जीवन में शांति और आती हैं.

2. महामृत्युंजय मंत्र: आरोग्य और अभय के लिए

मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्. उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

महत्व- मान्याता है कि यदि किसी व्यक्ति पर अकाल मृत्यु का दोष होते उसे महादेव के इस मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए. अकाल मृत्यु दोष का नाश होता है. भक्त की आयु लंबी होती है. 

3. शिव गायत्री मंत्र: मानसिक स्पष्टता के लिए

मंत्र: ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्.

महत्व- ज्ञान की प्राप्ति और मन की एकाग्रता के लिए शिव गायत्री मंत्र का जाप अत्यंत लाभकारी है.

4. दरिद्रता दहन मंत्र: आर्थिक लाभ के लिए

मंत्र: ॐ ह्रीं नमः शिवाय.

महत्व- यदि आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो शिवरात्रि की रात इस मंत्र का जाप कर सकते है. कहते है आर्थिक संबंधी समस्याएं दुर होती है और समृद्धि आती है. 

मंत्र जाप के समय रखें इन बातों का ध्यान

रुद्राक्ष की माला: महादेव के मंत्रों का जाप हमेशा रुद्राक्ष की माला से करना चाहिए. इसे सकरात्मकता बढ़ती है. 

ब्रह्म मुहूर्त या निशिता काल: महाशिवरात्रि की मध्य रात्रि (निशिता काल) में किया गया जाप हजार गुना अधिक फल देता है.

शुद्धता: स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें कर मंत्रो का उच्चारण करें.

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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