18.1 C
Ranchi
Sunday, March 3, 2024

BREAKING NEWS

Trending Tags:

Magh Purnima 2024: पापों से मुक्ति दिलाता है माघ की पूर्णिमा पर किया ये काम, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Magh Purnima 2024: आज हम बात करेंगे माघ पूर्णिमा 2024 के बारे में. यह एक ऐसा पर्व है जो आस्था, उल्लास और पवित्रता का प्रतीक है. हिंदू मास में दो पक्ष होते हैं. शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष. शुक्ल पक्ष का आखिरी दिन पूर्णिमा कहलाता है. साल में 12 पूर्णिमा आती हैं, जिनमें माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व है.

Magh Purnima 2024: आज हम बात करेंगे माघ पूर्णिमा 2024 के बारे में. यह एक ऐसा पर्व है जो आस्था, उल्लास और पवित्रता का प्रतीक है. हिंदू मास में दो पक्ष होते हैं. शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष. शुक्ल पक्ष का आखिरी दिन पूर्णिमा कहलाता है. साल में 12 पूर्णिमा आती हैं, जिनमें माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व है.

Also Read: Mangal Gochar February 2024: मंगल शनि में करेंगे गोचर, इन राशियों को होगा लाभ

माघ पूर्णिमा 2024 तिथि: 23 फरवरी 2024, शुक्रवार, शाम 3:33 बजे से 24 फरवरी 2024, शनिवार, शाम 5:59 बजे तक

भद्रा पूंछ: 24 फरवरी 2024, शनिवार, सुबह 6:28 बजे से 25 फरवरी 2024, रविवार, सुबह 8:24 बजे तक

पूर्णिमा व्रत: 24 फरवरी 2024, शनिवार

माघ पूर्णिमा का महत्व

गंगा स्नान: इस दिन गंगा, यमुना और सरस्वती नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है. ऐसा माना जाता है कि इससे पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

पूजा-पाठ: माघ पूर्णिमा को भगवान शिव, विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है. इस दिन दान करने से पुण्य फल प्राप्त होता है.

सत्यनारायण भगवान की कथा: माघ पूर्णिमा को सत्यनारायण भगवान की कथा भी सुनी जाती है.

विशेष महत्व माघी पूर्णिमा: माघ पूर्णिमा को माघी पूर्णिमा भी कहा जाता है. स्नान, दान और पूजा: यह स्नान, दान, पूजा और व्रत का विशेष दिन माना जाता है. पापों का नाश: माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य के पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. दान: इस दिन किए गए दान का फल कई गुना बढ़ जाता है. व्रत: माघ पूर्णिमा को व्रत रखने से मन की शांति और समृद्धि प्राप्त होती है.

यह भी ध्यान रखें:

  • भद्रा काल: माघ पूर्णिमा के दिन भद्रा काल में स्नान, दान और पूजा नहीं करनी चाहिए.

  • व्रत: यदि आप व्रत रख रहे हैं, तो सूर्योदय से पहले स्नान करके व्रत का संकल्प लें.

  • सात्विक भोजन: व्रत के दिन सात्विक भोजन करें और झूठ बोलने से बचें.

माघ पूर्णिमा का पर्व आस्था और उल्लास का पर्व है. इस दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान करने से मनुष्य को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा

ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ

8080426594/9545290847

You May Like

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

अन्य खबरें