Kojagari Lakshmi Puja 2023: इस दिन है कोजागरी पूजा, जानें व्रत कथा और विधि
Published by : Shaurya Punj Updated At : 03 Oct 2023 8:01 PM
Kojagari Lakshmi Puja 2023: कोजागरी लक्ष्मी पूजा हर साल अश्विन मास की शरद पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. इस साल कोजागरी पूजा 28 अक्टूबर 2023 को मनाई जाएगी. बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है.
Kojagari Lakshmi Puja 2023: कोजागरी पूजा को हिन्दू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. हर वर्ष अश्विन मास के पूर्णिमा तिथि के दिन माता लक्ष्मी को समर्पित विशेष पूजा-पाठ किया जाता है. बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. बिहार में खासकर मैथिल बहुल क्षेत्रों में इसे ‘कोजगरा पूजा’ के नाम से जाना जाता है.
कोजागर पूजा 2023 मुहूर्त
कोजागरी पूजा 28 अक्टूबर 2023
कोजागरी पूजा निशिता काल (पूजा मुहूर्त) 11:42pm से 12:30 am, 29 अक्टूबर
अवधि 00 घंटे 49 मिनट
कोजागरी पूजा के दिन चंद्रोदय शाम 05:41 pm
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ 28 अक्टूबर 2023 04:17 am
पूर्णिमा तिथि समाप्त 29 अक्टूबर 2023 01:53 pm
कोजागरी व्रत का महत्व
कोजागरी पूर्णिमा के दिन ही शरद पूर्णिमा भी मनाई जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा माना गया है कि इस दिन देवी लक्ष्मी अपने भक्तों के घर जाती है. माता लक्ष्मी के आठ स्वरूप है, इनमें से किसी भी स्वरूप का ध्यान करने से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है. देवी लक्ष्मी के आठ स्वरूप धनलक्ष्मी, धन्य लक्ष्मी, राजलक्ष्मी, वैभवलक्ष्मी, ऐश्वर्य लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, कमला लक्ष्मी और विजय लक्ष्मी है. इस दिन विशेष तौर पर खीर बनाई जाती है, इसका इस दिन काफी महत्व है. इसका कारण यह है कि खीर दूध से बनाई जाती है, और दूध को चंद्रमा का प्रतीक माना गया है. इसके अलावा इस व्रत का पालन करने वाले मृत्यु के बाद सिद्धत्व को प्राप्त होते हैं. इस दिन रात्रि जागरण का भी इस दिन विशेष महत्व होता है. कहा जाता है कि देवी इस रात्रि को भक्तों के घर घर जाती है, जो जाग रहा होता है, उस पर देवी लक्ष्मी की कृपा बरसती है.
कोजागरी व्रत की खीर का महत्व
कोजागरी पूर्णिमा की रात को रात भर खीर बनाकर रखने की परंपरा है. इसका वैज्ञानिक महत्व भी बताया गया है. यह बताने की जरूरत नहीं है कि आश्विन मास की पूर्णिमा अन्यथा आश्विन पूर्णिमा वर्षा ऋतु का आखिरी दिन माना जा सकता है. विज्ञान के अनुसार इस दिन चांद धरती के सबसे करीब होता है, जिससे चांद की किरणें जब खीर पर पड़ती है, जिसे खाने से लोगों का मन शांत रहता है, और शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाती है. सांस की बिमारी वाले लोगों को इससे अच्छा फायदा होता है, इसके अलावा आंखों की रोशनी भी बेहतर होती है.
कोजागरी व्रत की कथा
कोजागरी व्रत को लेकर भी विभिन्न क्षेत्रों में कई कथाएं प्रचलित हैं. इनमें से जो सबसे प्रचलित कथा हैं, हम आपको उसके बारे में बताते हैं. प्राचीन काल में एक साहूकार था. जिसकी दो बेटियां थी, उनकी माता लक्ष्मी बड़ी आस्था थी और दोनों ही पूर्णिमा का उपवास रखती थी. साहूकार की बड़ी बेटी इस व्रत को पूरा करती थी, और पूरे विधि विधान से संपन्न करती थी. लेकिन, उसकी छोटी बेटी अज्ञानतावश व्रत को अधूरा छोड़ देती थी. व्रत को अधूरा छोड़ने के कारण देवी लक्ष्मी उससे रुष्ट हो गई. जिससे साहूकार की छोटी बेटी के पुत्रों की मृत्यु होने लगी. जब भी वह किसी बच्चे को जन्म देती, उसके कुछ ही देर बाद उसके बेटे की मृत्यु हो जाती थी. साहूकार की छोटी बेटी इससे काफी परेशान हो गई, और उसने एक ऋषि को अपनी इस परेशानी के बारे में बताया. ऋषि साहूकार की छोटी बेटी को देखकर सारा माजरा समझ गए थे. उन्हें साहूकार की छोटी बेटी को उसकी गलती के बारे में बताया कि वह पूर्णिमा के व्रत को अधूरा छोड़ देती है, और पूर्ण विधिविधान से उस व्रत को नहीं करती है. उन्होंने साहूकार की बेटी को कहा कि अगर तुम पूर्णिमा का व्रत विधिपूर्वक पूर्ण करती हो, तो तुम्हारी संतान जीवित रह सकती है.
ऋषि की सलाह के बारे उसने पूर्णिना का व्रत विधिविधान से पूरा किया. जिसके फलस्वरूप उसे संतान की प्राप्ति हुई, लेकिन कुछ दिनों बाद उसकी भी मौत हो गई. वह परेशान हो गई, तब उसे अपनी बड़ी बहन की याद आई. उसने लड़के को एक छोटी चौकी के आकार का लकड़ी पर लेटा दिया, और उस पर कपड़ा ढंग दिया. उसके बाद वह अपनी बड़ी बहन को बुलाकर लाई, और बहन को उसी पर बैठने का इशारा किया. बड़ी बहन इस बात से अंजान थी कि वहां पर उस बच्चे की लाश पड़ी हुई है. वह जैसे ही उसे पीढ़ा पर बैठने लगी, उसके लहंगा बच्चे को छू गया और बच्चा अचानक से जीवित हो उठा और रोने लगा. यह माजरा देख बड़ी बहन ने फटकार लगाते हुए कहा कि तू मुझे कलंक लगाना चाहती थी, मेरे बैठने से यह मर जाता. बड़ी बहन की बात सुनकर छोटी बहन ने विनम्र भाव से कहा कि यह पहले ही मर चुका था. तेरे तप और पुण्य से ही यह जीवित हुआ है. तुझ पर माता लक्ष्मी की आसीम कृपा है. इस घटना के बाद साहूकार ने नगर में पूर्णिमा का पूरा व्रत करने का ढिंढोरा पिटवा दिया. तभी से इस दिन को उत्सव के रूप में मनाया जाता है, देवी लक्ष्मी की पूजा की जाने लगी.
कोजागरी व्रत की पूजाविधि
कोजागरी पूजा का उल्लेख नारद पुराण में है. इसमें इस व्रत की पूजा विधि को भी बताया गया है. इसके अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा के दिन की जाने वाली इस पूजा में पीतल, चांदी, तांबे या सोने से बनी देवी लक्ष्मी की प्रतिमा की पूजा की जाती है. सबसे पहले इस मूर्ति को कपड़े से ढंक दिया जाया है. कोजागरी व्रत के लिए देवी की पूजा समान्य तरीके करनी चाहिए. इसके बाद रात को चंद्रोदय के बाद विशेष रूप से पूजा की जाती है. रात को आपको मुख्य रूप से खीर बनाना चाहिए, और अगर घर में चांदी का पात्र है, तो उसमें खीर चांद निकालते ही खुले आसमान के नीचे रखना चाहिए. अगर चांदी का पात्र न हो, तो सामान्य बर्तन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके बाद रात में देवी लक्ष्मी के सामने घी के 100 दीपक जला दें. साथ ही मां लक्ष्मी के मंत्र, आरती के साथ विधिवत पूजन करना चाहिए. कुछ समय बाद चांद की रोशनी में रखी हुई खीर का देवी लक्ष्मी को भोग लगाना चाहिए. अगले दिन देवी लक्ष्मी की पूजा कर खोलना चाहिए.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










