खरमास समाप्ति के साथ उदय होंगे शनि, इस शुभ दिन से गूंजेंगी शहनाइयां, मांगलिक कार्यों की होगी शुरुआत

Updated at : 08 Apr 2026 3:54 PM (IST)
विज्ञापन
Kharmas 2026 kab khatam hoga

खरमास की समाप्ति

Kharmas 2026: 14 अप्रैल 2026 को सूर्य के मीन से मेष राशि में प्रवेश करते ही खरमास समाप्त होगा और सभी मांगलिक कार्यों पर लगा विराम हट जाएगा, इसके बाद विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त शुरू होकर चारों ओर शहनाइयों की रौनक लौट आएगी.

विज्ञापन

Kharmas 2026: अगले सप्ताह से मांगलिक कार्यों पर लगा विराम समाप्त होने जा रहा है, क्योंकि जैसे ही 14 अप्रैल को सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, खरमास का समापन हो जाएगा. इसके साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे सभी शुभ कार्यों के लिए फिर से शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे और चारों ओर शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगेगी.

Kharmas 2026: अगले सप्ताह सूर्य करेंगे मीन राशि में प्रवेश

14 अप्रैल 2026 दिन मंगलवार को सूर्य का मेष राशि में प्रवेश दिन के 11 बजकर 45 मिनट पर हो रहा है. इस दिन सूर्योदय उपरांत संक्रांति का पुष्य काल होगा और खरमास समाप्त हो जाएगा. इसे सत्तू संक्रांति अथवा सतुआ संक्रांति भी कहते हैं. इस दिन काशी, हरिद्वार तीर्थ में स्नान का विधान है और सत्तू, पंखा और जल-कुम्भादि (मिट्टी का घड़ा) के दान का महत्व है.

सूर्य का गोचर और शनि का उदय एक दुर्लभ संयोग

खरमास के दौरान परंपरागत रूप से सभी मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं, इसलिए लोग इस अवधि के समाप्त होने का बेसब्री से इंतजार करते हैं. इस बार खास बात यह है कि खरमास खत्म होने के कुछ ही दिनों बाद, 21 अप्रैल को शनि देव भी मीन राशि में उदय होंगे. सूर्य का मेष राशि में प्रवेश और शनि का उदय, ये दोनों खगोलीय घटनाएं मिलकर एक दुर्लभ और महत्वपूर्ण संयोग बना रही हैं, जिसका प्रभाव व्यक्तिगत जीवन से लेकर सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों तक देखा जा सकता है.

14 अप्रैल से शुरू होगा अच्छा समय

जब भी सूर्य एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस पल को “संक्रांति” कहा जाता है, लेकिन 14 अप्रैल 2026 को होने वाला सूर्य गोचर बहुत ही खास हैं. क्योंकि इस दिन सूर्य मीन राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेंगे. जिसे मेष संक्रांति या ‘सोलर नववर्ष’ कहा जाता है. मेष राशि में सूर्यदेव 15 मई तक रहने वाले हैं, इसके बाद सूर्य वृषभ राशि में गोचर कर जाएंगे. सूर्य का वृषभ राशि में आना बेहद शुभ माना जाता हैं. 14 अप्रैल से 15 मई के बीच का समय मेष, वृषभ, सिंह, मकर, कुंभ और धनु राशि वालों के लिए जबरदस्त लाभ देने वाला रहेगा.

मेष के सूर्य में दान का विशेष महत्व

मेष राशि के सूर्य में जो भी व्यक्ति देवों तथा पितरों के उद्देश्य से सत्तू तथा जलपूर्ण घट का दान करता है, उसके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं. चैत्र पूर्णिमा से वैशाख पूर्णिमा तक प्रतिदिन प्रात्र: सूर्योदय काल से पूर्व किसी तीर्थ स्थल, नदी, कुंआ, तालाब अथवा अपने घर पर ही शुद्ध जल से स्नान करके भगवान विष्णु, राम अथवा श्रीकृष्ण जी के मंत्र का यथा-शक्ति जप करें. एक बार भोजन करना चाहिए. ऐसा 31 दिन तक करने से अनेक प्रकार के रोग व दोष दूर होते हैं और प्रभाव व पुण्य की वृद्धि होती है. महावीर पंचांग के अनुसार वैशाख मास में पर्यन्त पौसरा दान करें. असमर्थता में जलपूर्ण घट का दान करें. पीपल के जड़ में जलदान तथा तुलसीदल से विष्णुजी का पूजन करें.

Also Read: धर्म अध्यात्म की खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें

विज्ञापन
Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola