हरियाली तीज व्रत की शुरुआत कैसे हुई? जानें माता पार्वती की तपस्या की पूरी कहानी

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भगवान शिव और माता पार्वती की सांकेतिक तस्वीर (एआई)

हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए रखती हैं. इस व्रत की शुरुआत माता पार्वती की कठोर तपस्या से हुई थी. जानें पूरी पौराणिक कथा.

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Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. साल 2026 में यह व्रत 15 अगस्त को रखा जाएगा. यह पर्व मुख्य रूप से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, अखंड सौभाग्य और दांपत्य जीवन में खुशहाली की कामना के लिए करती हैं. कई कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर पाने की इच्छा से यह व्रत रखती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस पावन व्रत की शुरुआत कैसे हुई? सबसे पहले यह व्रत किसने किया था? आइए, एक पौराणिक कथा के माध्यम से जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब.

पौराणिक कथा

सती ने त्यागा प्राण

पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती पिछले जन्म में राजा दक्ष की पुत्री सती थीं. भगवान शिव से विवाह के बाद एक बार राजा दक्ष ने एक यज्ञ का आयोजन किया. इस यज्ञ में उन्होंने भगवान शिव का अपमान किया. पति का अपमान सहन न कर पाने के कारण माता सती ने यज्ञ की अग्नि में अपने प्राण त्याग दिए.

शिव को पाने की कठिन तपस्या

इसके बाद माता सती ने पुनः जन्म लिया. मान्यता है कि इस जन्म में भी उनका संकल्प भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त करना था. इसके लिए माता ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या शुरू की. कहा जाता है कि माता ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए 107 जन्मों तक कठोर तपस्या की, लेकिन उनका संकल्प पूरा नहीं हो सका.

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108 वें जन्म में पूरी हुई तपस्या

इसके बाद 108वें जन्म में उन्होंने पर्वतराज की पुत्री पार्वती के रूप में जन्म लिया. उन्होंने फिर से कठिन साधना की. अन्न-जल का त्याग कर वह भगवान शिव की आराधना में लीन रहीं. मान्यता है कि सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को माता पार्वती की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया. इसी मान्यता के आधार पर हरियाली तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि आती है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है.

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नेहा कुमारी

लेखक के बारे में

By नेहा कुमारी

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

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