हरियाली तीज पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना कम हो सकता है पूजा का फल, जानें क्या है शुभ-अशुभ

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भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हुए व्रती की सांकेतिक तस्वीर (एआई)

हरियाली तीज के दिन महिलाएं व्रत रखने के साथ-साथ पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और सोलह श्रृंगार करती हैं. इस पर्व से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि तीज के दिन कौन-से काम शुभ माने जाते हैं और किन चीजों से बचना चाहिए.

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Hariyali Teej: आज 15 अगस्त 2026, शनिवार को हरियाली तीज का पावन पर्व मनाया जा रहा है. यह पर्व हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. मान्यता है कि इसी दिन माता पार्वती और भगवान शिव का पुनर्मिलन हुआ था. सुहागिन महिलाओं के लिए यह व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं, वहीं अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए पूजा-अर्चना करती हैं.

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हरियाली तीज पर क्या न करें?

  • काले या सफेद कपड़े न पहनें: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुहाग के पर्व पर काले या सफेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ नहीं माना जाता है.
  • क्रोध और विवाद से बचें: व्रत के दिन मन में किसी के प्रति नकारात्मक विचार न लाएं. किसी से झगड़ा करने या कटु शब्द बोलने से बचें.
  • व्रत के नियमों का पालन करें: हरियाली तीज का व्रत कई महिलाएं निर्जला रखती हैं. हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और व्रत के नियमों का पालन अपनी क्षमता के अनुसार करें.
  • दिन में सोने से बचें: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तीज के दिन दिन में सोने से बचना चाहिए. इस समय को भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और भगवान शिव-माता पार्वती के ध्यान में बिताना शुभ माना जाता है.

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हरियाली तीज पर क्या करें?

  • सोलह श्रृंगार करें: इस दिन हरे रंग का विशेष महत्व है. हरे रंग की साड़ी या सूट पहनना, हाथों में हरी चूड़ियां पहनना और मेहंदी लगाना शुभ माना जाता है.
  • शिव-पार्वती की पूजा करें: मिट्टी से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा बनाकर विधि-विधान से पूजा करें. माता पार्वती को सुहाग की सामग्री जैसे सिंदूर, बिंदी, चूड़ी और कुमकुम अर्पित करें.
  • व्रत कथा सुनें: पूजा के दौरान हरियाली तीज की व्रत कथा सुनना या पढ़ना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कथा के बिना व्रत की पूजा अधूरी मानी जाती है.
  • बड़ों का आशीर्वाद लें: पूजा संपन्न होने के बाद घर के बड़े-बुजुर्गों और सास का आशीर्वाद लें. उन्हें सुहाग की सामग्री भेंट करना भी शुभ माना जाता है.

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नेहा कुमारी

लेखक के बारे में

By नेहा कुमारी

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

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