गरुड़ पुराण: दूसरों की संपत्ति हड़पने वालों को मृत्यु के बाद मिलती है ये सजा, दंड जानकर कांप उठेगी रूह
दूसरों की संपत्ति हड़पने वाले व्यक्ति को नरक में सजा मिलते हुए सांकेतिक तस्वीर
Garud Puran: गरुड़ पुराण में बताया गया है कि दूसरों का धन, जमीन या अधिकार छीनने वाले लोगों को मृत्यु के बाद अपने कर्मों का कठोर फल भुगतना पड़ता है. आइए जानते हैं ऐसे लोगों के लिए नरक में कैसी सजा का वर्णन किया गया है.
Garud Puran: कई लोग छल-कपट, धोखे या ताकत के दम पर दूसरों की जमीन, धन या संपत्ति पर कब्जा कर लेते हैं. ऐसे लोग भले ही इस दुनिया में सुख-सुविधाओं से भरी जिंदगी जी लें, लेकिन सनातन धर्म के प्रसिद्ध ग्रंथ गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद उन्हें अपने कर्मों का कठोर फल भुगतना पड़ता है. गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जो व्यक्ति किसी का हक छीनता है या बेईमानी से दूसरे की संपत्ति हड़पता है, उसे मृत्यु के बाद यमराज के सामने अपने कर्मों का हिसाब देना पड़ता है. ग्रंथ में ऐसे पाप करने वालों के लिए रौरव नरक का वर्णन किया गया है, जिसे सबसे कष्टदायक नरकों में से एक माना जाता है.
रौरव नरक में मिलती है सजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रौरव नरक ऐसा स्थान है, जहां चारों ओर केवल पीड़ा, चीख-पुकार और दुख का वातावरण होता है. यहां पापी को उसके कर्मों के अनुसार कठोर यातनाएं दी जाती हैं.
दूसरों का हक मारने वालों को ऐसे मिलता है दंड
गरुड़ पुराण के अनुसार, जिसने जीवन में किसी का धन, संपत्ति या अधिकार छीना होता है, उसे रौरव नरक में अत्यंत कठोर सजा दी जाती है.
- रुरु नाम के विषैले सर्प: जिन लोगों का हक उस व्यक्ति ने छीना होता है, वे परलोक में ‘रुरु’ नाम के अत्यंत विषैले और डरावने सर्पों का रूप धारण कर लेते हैं.
- लगातार मिलती है यातना: ये सर्प उस व्यक्ति को बार-बार डसते हैं और उसे असहनीय पीड़ा देते हैं. यह कष्ट तब तक चलता रहता है, जब तक उसके पापों का दंड (नरकवास की अवधि) पूरा नहीं हो जाता
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