रक्षाबंधन के दिन झारखंड-बिहार में क्या है राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त? ज्योतिषाचार्य से जानें

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भाई की कलाई पर राखी बांधती बहन. फोटो- एआई

रक्षा बंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है. इस साल 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा. ज्योतिषाचार्य से जानें बिहार और झारखंड में राखी बांधने के लिए सबसे शुभ मुहूर्त और विशेष मंत्र.

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Raksha Bandhan Bihar Jharkhand Muhurat: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम-स्नेह का प्रतीक है. धार्मिक परंपरा अनुसार, इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करती हैं. शास्त्रों में इस बात का भी उल्लेख है कि रक्षा बंधन के दिन जो किसकी रक्षा की कामना करें वो उसे रक्षा सूत्र बांध सकता है.

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रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने या बंधवाने के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है. इस साल झारखंड-बिहार में राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त क्या है? ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार झा बता रहे हैं.

कब मनाया जाएगा रक्षा बंधन?

ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार झा ने बताया कि श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि शुक्रवार 28 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 27 मिनट तक मान्य है. चूंकि, उदया तिथि में पूर्णिमा पड़ रही है इसलिए 28 तारीख को ही रक्षा बंधन मनाना शुभ रहेगा.

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त (बिहार और झारखंड के लिए)

बिहार में रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए सुबह 5 बजकर 26 मिनट से लेकर 9 बजकर 27 मिट तक मुहूर्त बेहद शुभ है. इस दौरान राखी बांधकर भाई की लंबी उम्र की कामना की जा सकती है.

वहीं, रक्षाबंधन के दिन झारखंड में राखी बांधने के लिए सबसे शुभ मुहूर्त 5 बजकर 27 मिनट से लेकर 9 बजकर 28 मिनट तक रहेगा.

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राखी बांधने के लिए पौराणिक मंत्र

"येन बद्धो बलीराजा दान वेन्द्रो महाबलः

तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल"

राखी बांधने के लिए वैदिक मंत्र

"यदाबध्नन् दाक्षायणा हिरण्य गुं शतानीकाय सुमनस्यमाना:

तन्म आ बध्नामि शतशारदायायुष्मांजरदष्टिर्यथासम्"

ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार झा बता रहे हैं कि रक्षा बंधन के लिए उपरोक्त मुहूर्त में किसी प्रकार का दोष नहीं है.

शुक्रवार, 28 अगस्त को सुबह स्नान-ध्यान के बाद रक्षा बंधन के लिए श्रेष्ठतम मुहूर्त का संयोग है. स्थानीय समय के अनुसार, शुभ मुहूर्त में 1-2 मिनट का अंतर हो सकता है.

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सिर्फ भाई-बहन तक सीमित नहीं है रक्षा बंधन का त्योहार

मान्यतानुसार, रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ भाई-बहन तक सीमित नहीं है. इस दिन पुरुष पंडित जी से भी अपनी कलाई पर रक्षा सूत्र बंधवाते हैं. इसके अलावा पेड़ मे राखी बांधने की परंपरा भी है. इतना ही नहीं, घर के दरवाजे पर रक्षा सूत्र बांधने और किताबों में भी रक्षा सूत्र रखने के विधान है.


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