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Dhanteras 2020 Puja Vidhi, Timings, Samagri, Muhurat: धनतेरस की पूजा शुभ मुहूर्त में करने पर साल भी नहीं होती है धन की कमी, जानें पूजा सामगी, मंत्र और पूजा करने का सही समय...

By Prabhat khabar Digital
Updated Date

Dhanteras 2020 Date, Puja Vidhi, Samagri, Muhurat Timings: आज धनतेरस का पर्व है. धनतेरस पर खरीदारी करने का विशेष मान्यता है. धनतेरस का पर्व काशी समेत देश के कई हिस्सों में गुरुवार को ही मनाया गया. वहीं, मथुरा-वृंदावन समेत कुछ हिस्सों में यह पर्व 13 नवंबर यानि आज मनाया जा रहा है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुभ मुहूर्त आज सुबह 5 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर शाम 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा. कार्तिक मास के पंच पर्व की शुरुआत धनतेरस के साथ ही होती है. इस साल धनतेरस के साथ आज ही प्रदोष व्रत और नरक चतुर्दशी भी मनाई जाएगी. इस वजह से आज का दिन और भी ज्यादा खास माना जा रहा है. माना जा रहा है कि शुभ संयोगों के मिलने की वजह से धनतेरस का दिन और भी ज्यादा विशेष हो गया है.इए यहां जानते है इन सभी पर्वों के तिथि, सही तारीख और पूरी डिटेल्स..

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इस दिन खील-बताशे की करें खरीदारी

धनतेरस के दिन खील-बताशे की खरीदारी करना भी बेहद शुभ माना जाता है. इन खील-बताशे का प्रयोग दिवाली के दिन पूजा में किया जाता है.

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जानें धनतेरस पर क्यों होती है कुबेर की पूजा

धनतेरस का पर्व धन और आरोग्य से जुड़ा हुआ है. धन के लिए इस दिन कुबेर की पूजा की जाती है और आरोग्य के लिए धनवन्तरि की पूजा की जाती है. इस दिन मूल्यवान धातुओं, नए बर्तनों और आभूषणों की खरीदारी का विशेष विधान होता है. धनतेरस पर कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं.

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धनतेरस पर इनकी होती है पूजा

धनतेरस के दिन काले रंग की चीजों को घर लाने से बचना चाहिए. धनतेरस एक बहुत ही शुभ दिन है, जबकि काला रंग हमेशा से दुर्भाग्य का प्रतीक माना गया है. इसलिए धनतेरस पर काले रंग की चीजें खरीदने से बचें.

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ये है पूजा विधि

धनतेरस की शाम में एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं. फिर गंगाजल डालें और भगवान धन्वंतरि, माता महालक्ष्मी और भगवान कुबेर की प्रतिमा या फोटो स्थापित करें. तस्वीर पर देसी घी का दीपक, धूप और अगरबत्ती जलाएं. इसके बाद लाल फूल चढ़ाएं और मुमकिन हो तो कमल का फूल भी अर्पित करें.

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धनतेरस पर इनकी होती है पूजा

धनतेरस के दिन कुबेर देवता के साथ धन की देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है. इस दिन किसी भी वस्तु को खरीदना शुभ माना जाता है. कुबेर देवता लोगों को धन और समृद्धि प्रदान करने वाले हैं.

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अखंड दीपक पूजा घर में जरूर जलाएं

निर्धनता दूर करने के लिए अपने पूजाघर में धनतेरस की शाम को अखंड दीपक जलाना चाहिए, जो दीपावली की रात तक जरूर जलता रहे. अगर दीपक भैयादूज तक अखंड जलता रहे तो घर के सारे वास्तुदोष भी समाप्त हो जाते हैं और आपके घर से सारी नेगेटिव एनर्जी दूर हो जाती है.

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यहां जानें यम के नाम दीप जलाने की विधि

धनतेरस के दिन यम के नाम दीप जलाया जाता है. इस दिन दीपक जलाने से पहले पूजा की जाती है. किसी लकड़ी के बेंच या जमीन पर तख्त रखकर रोली से स्वास्तिक का निशान बनायें. फिर मिट्टी या आटे के चौमुखी दीपक को उस पर रख दें. दीप पर तिलक लगाएं. चावल और फूल चढ़ाएं. चीनी डालें. इसके बाद 1 रुपये का सिक्का डालें और परिवार के सदस्यों को तिलक लगाएं. दीप को प्रणाम कर उसे घर के मुख्य द्वार पर रख दें. ये ध्यान दें कि दीपक की लौ दक्षिण दिशा की तरफ हो. क्योंकि ये यमराज की दिशा मानी जाती है. ऐसा करने से अकाल मृत्यु टल जाती है.

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धनतेरस पूजा विधि Dhanteras Puja Vidhi

धनतेरस के दिन शाम के समय उत्तर दिशा में कुबेर, धन्वंतरि भगवान और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. पूजा के समय घी का दीपक जलाएं. कुबेर को सफेद मिठाई और भगवान धन्वंतरि को पीली मिठाई चढ़ाएं. पूजा करते समय “ॐ ह्रीं कुबेराय नमः” मंत्र का जाप करें. इसके बाद “धन्वन्तरि स्तोत्र” का पाठ करें. धन्वान्तारी पूजा के बाद भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की भी पूजा करें. भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के लिए मिट्टी का दीपक जलाएं. उन्हें फूल चढ़ाएं और मिठाई का भोग लगाएं.

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3 नवंबर को खरीदारी का शुभ मुहूर्त

13 नवंबर दिन शुक्रवार की सुबह 5 बजकर 59 मिनट से 10 बजकर 06 मिनट तक

13 नवंबर दिन शुक्रवार की सुबह 11 बजकर 08 मिनट से दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक

13 नवंबर दिन शुक्रवार की दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से शाम 05 बजे तक

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27 मिनट तक है शुभ मुहूर्त

इस साल धनरेसत की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा. इस बार महज 27 मिनट के इस शुभ मुहूर्त में पूजा करना फलदायी माना जाएगा. इसी वक्त अगर कोई दीपदान करता है तो भी शुभ होगा. जानकारी के लिए बता दें कि 13 नवंबर को धनतेरस पर खरीदारी के लिए पहला मुहूर्त सुबह 7 से 10 बजे तक है. जबकि दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर 1 से 2.30 बजे तक रहेगा.

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धनतेरस पर कुबेर को प्रसन्न करने के लिए करें ये काम

आज मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर को प्रसन्न करने के लिए पूजन के बाद रात को 21 चावल के दाने लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या पैसे रखने वाली जगह पर रखना चाहिए. कहते हैं कि ऐसा करने से समृद्धि आती है.

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धनतेरस पूजा विधि

धनतेरस की शाम में एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं. फिर गंगाजल डालें और भगवान धन्वंतरि, माता महालक्ष्मी और भगवान कुबेर की प्रतिमा या फोटो स्थापित करें. फिर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा पर फूल चढ़ाएं. इसके बाद तस्वीर पर देसी घी का दीपक, धूप और अगरबत्ती जलाएं. रोली, कुमुकम, अक्षत (चावल), पान, सुपारी, नारियल, लौंग, इलायची, धूप, कपूर, अगरबत्तियां, मिट्टी, दीपक, रूई, कलावा, शहद, दही, गंगाजल, गुड़, धनिया, फल, फूल, जौ, गेहूं, दूर्वा, चंदन, सिंदूर, पंचामृत, दूध, मेवे, खील, बताशे अर्पित करें. इसके बाद आपने इस दिन जिस भी धातु या फिर बर्तन अथवा ज्वेलरी की खरीदारी की है, उसे चौकी पर रखें. अब लक्ष्मी स्तोत्र, लक्ष्मी चालीसा, लक्ष्मी यंत्र, कुबेर यंत्र और कुबेर स्तोत्र का पाठ करें. साथ ही, लक्ष्मी माता के मंत्रों का जाप करें और मिठाई का भोग भी लगाएं.

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आज है नरक चतुर्दशी

दिवाली 14 नवंबर को मनाई जाएगी. नरक चतुर्दशी के दिन यम का दीपदान किया जाता है. आज रात में यम की पूजा की जाएगी. सुबह स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 23 मिनट से सुबह 6 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. चतुर्दशी तिथि 14 नवंबर की दोपहर 1 बजकर 16 मिनट तक ही रहेगी. इसके बाद अमावस्या लगने से दिवाली भी इसी दिन मनाई जाएगी. इस बार छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली एक ही मनाई जाएगी.

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