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Chanakya Niti: ब्राह्मण और राजा से बहुत अधिक शक्तिशाली होती है स्त्रियों की ताकत, यहां जानिए क्या कहते है आचार्य चाणक्य...

Updated at : 08 Dec 2020 10:23 AM (IST)
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Chanakya Niti: ब्राह्मण और राजा से बहुत अधिक शक्तिशाली होती है स्त्रियों की ताकत, यहां जानिए क्या कहते है आचार्य चाणक्य...

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने अपनी चाणक्य नीति में मनुष्य के जीवन को सरल और सफल बनाने से जुड़ी कई बातों का उल्लेख किया है. चाणक्य एक महान शिक्षक, कुशल अर्थशास्त्री और माहिर कूटनीतिज्ञ थे. उन्होंने अपने जीवन की हर समस्या का बहादुरी से सामना किया है. चाणक्य ने कभी अपने आत्मविश्वास को कम नहीं होने दिया और निरंतर लक्ष्य की प्राप्ति में लगे रहे.

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Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने अपनी चाणक्य नीति में मनुष्य के जीवन को सरल और सफल बनाने से जुड़ी कई बातों का उल्लेख किया है. चाणक्य एक महान शिक्षक, कुशल अर्थशास्त्री और माहिर कूटनीतिज्ञ थे. उन्होंने अपने जीवन की हर समस्या का बहादुरी से सामना किया है. चाणक्य ने कभी अपने आत्मविश्वास को कम नहीं होने दिया और निरंतर लक्ष्य की प्राप्ति में लगे रहे. आचार्य चाणक्य एक कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में विश्व विख्‍यात हुए. आइए जानते है कि आचार्य चाणक्य ने क्यों स्त्री को ब्राह्मण और राजा से ताकतवर बताया है…

स्त्री हो या पुरुष, सभी के पास कुछ गुण, कुछ शक्तियां होती हैं. जिनसे वे अपने कार्य सिद्ध कर सकते हैं. आचार्य चाणक्य ने अपनी एक नीति में बताया है की राजा, ब्राह्मण और स्त्री की सबसे बड़ी ताकत क्या होती है. ब्राह्मण की ताकत होती है ज्ञान. किसी भी ब्राह्मण की शक्ति उसका ज्ञान है. ब्राह्मण जितना ज्ञानी होगा वह उतना ही अधिक सम्मान प्राप्त करेगा. ईश्वर और जीवन से संबंधित ज्ञान ही किसी भी ब्राह्मण की सबसे बड़ी शक्ति हो सकता है.

स्त्रियों की ताकत है सौंदर्य और मीठी वाणी

किसी भी स्त्री का सौंदर्य और यौवन ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति होती है. यदि कोई स्त्री सुंदर नहीं है लेकिन मधुर व्यवहार वाली है, तब भी वह जीवन में कभी भी परेशानियों का सामना नहीं करती है. मधुर व्यवहार से ही स्त्री मान-सम्मान प्राप्त करती हैं.

राजा की ताकत होती है बाहुबल

किसी भी राजा की शक्ति उसका स्वयं का बाहुबल है. वर्तमान समय में राजा का अर्थ सरकारी मंत्री या अधिकारी हो सकता है. वैसे तो किसी भी राजा के अधीन उसकी सेना, मंत्री और अन्य राजा रहते हैं. लेकिन उसका स्वयं का ताकतवर होना भी जरूरी है. यदि कोई राजा स्वयं शक्तिहीन है तो वह किसी पर राज नहीं कर सकता. राजा जितना शक्तिशाली होगा उतना ही अच्छा शासक रहता है. इसीलिए यह जरूरी है कि राजा बाहुबल से भी शक्तिशाली हो.

News Posted by: Radheshyam kushwaha

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