महाअष्टमी में है संधि पूजा का विशेष महत्व
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Oct 2019 4:50 AM
महाअष्टमी पर संधि पूजा का विशेष महत्व है, जो नवमी को भी चलती है. संधि पूजा में अष्टमी समाप्त होने के अंतिम 24 मिनट और नवमी प्रारंभ होने के शुरुआती 24 मिनट के समय को संधि क्षण या काल कहते हैं, जो पूजा के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है. मान्यता है कि इसी […]
महाअष्टमी पर संधि पूजा का विशेष महत्व है, जो नवमी को भी चलती है. संधि पूजा में अष्टमी समाप्त होने के अंतिम 24 मिनट और नवमी प्रारंभ होने के शुरुआती 24 मिनट के समय को संधि क्षण या काल कहते हैं, जो पूजा के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है. मान्यता है कि इसी काल में देवी दुर्गा ने प्रकट होकर असुर चंड और मुंड का वध किया था.
इस दिन मां महागौरी की पूजा का विधान है. उनकी पूजा से इस जन्म के दुख, दरिद्रता और कष्ट मिट जाते हैं. विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं. माना जाता है कि माता सीता ने श्री राम की प्राप्ति के लिए इन्हीं की पूजा की थी. पूजा के लिए मां के समक्ष दीपक जलाएं और उनका ध्यान करें. उन्हें श्वेत या पीले फूल अर्पित करें.
उनके मन्त्रों का जाप करें. मां को नारियल का भोग लगाएं तथा इसे सिर पर से फिरा कर बहते जल में प्रवाहित करें. नवरात्र में किसी का दिल न दुखाएं, भूखे को खाना खिलाएं तथा सात्विक जीवन अपनाएं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










