World Tribal Day 2020: रांची में 6 जगहों पर मनाया जायेगा विश्व आदिवासी दिवस 2020

Tribal Communities
World Tribal Day 2020: पूरा विश्व रविवार (9 अगस्त, 2020) को विश्व आदिवासी दिवस मनायेगा. झारखंड सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन ने पिछले दिनों ही ट्वीट करके जानकारी दी कि इस बार झारखंड भी वर्ल्ड ट्राइबल डे मनायेगा. कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के बीच आदिवासी संगठनों ने राजधानी रांची में 6 जगहों पर ‘विश्व आदिवासी दिवस’ मनाने का फैसला किया है. आयोजन सादगीपूर्वक और सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करते हुए किया जायेगा.
रांची : पूरा विश्व रविवार (9 अगस्त, 2020) को विश्व आदिवासी दिवस मनायेगा. झारखंड सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन ने पिछले दिनों ही ट्वीट करके जानकारी दी कि इस बार झारखंड भी वर्ल्ड ट्राइबल डे मनायेगा. कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के बीच आदिवासी संगठनों ने राजधानी रांची में 6 जगहों पर ‘विश्व आदिवासी दिवस’ मनाने का फैसला किया है. आयोजन सादगीपूर्वक और सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करते हुए किया जायेगा.
रांची में बिरसा मुंडा चौक, कार्तिक उरांव चौक, डॉ राजेंद्र प्रसाद चौक, अल्बर्ट एक्का चौक, बिरसा मुंडा समाधिस्थल और मोरहाबादी स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा के पास कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. हर जगह के आयोजन की जिम्मेदारी अलग-अलग लोगों को सौंपी गयी है. स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी आयोजन स्थल पर 15-20 लोगों से ज्यादा शामिल नहीं होंगे.
वीर बिरसा मुंडा चौक (बिरसा चौक) पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की अगुवाई प्रेमचंद मुर्मू करेंगे. वह चक्रधरपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रथम विधायक स्व सुखलाल मांझी के बेटे हैं. अरगोड़ा स्थित स्व कार्तिक उरांव चौक पर जो कार्यक्रम होगा, उसका नेतृत्व पीटर महेंद्र करेंगे. पीटर महेंद्र गुमला के पूर्व विधायक स्व जयराम उरांव के पुत्र हैं.
डॉ राजेंद्र प्रसाद चौक (रांची रेलवे स्टेशन ओवब्रिज) के पास जेसीवाइए के अध्यक्ष कुलदीप तिर्की की अगुवाई में कार्यक्रम आयोजित होंगे, तो परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक पर होने वाले कार्यक्रम का नेतृत्व रतन तिर्की करेंगे. डॉ शांति खलखो मोहराबादी स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास आयोजित कार्यक्रम की जिम्मेवारी संभालेंगी. झारखंड के जाने-माने लोक गायक नंदलाल नायक कोकर स्थित बिरसा मुंडा समाधिस्थल के कार्यक्रम की शोभा बढ़ायेंगे.
आयोजकों ने कहा है कि कोरोना वायरस की वजह से घोषित लॉकडाउन के दौरान सोशल डिस्टैंसिंग का पूरी तरह से पालन किया जायेगा. लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए ही कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. कार्यक्रम में कई आदिवासी संगठनों ने भाग लेंगे, लेकिन लोगों की संख्या बिल्कुल सीमित रहेगी. आयोजन में शामिल होने वाले सभी लोग आदिवासी परिधान में रहेंगे.
कहा गया है कि महिलाएं पढ़िया (लाल पाड़ वाली साड़ियां) और पुरुष धोती-गंजी और पगड़ी धारण करेंगे. हर जगह एक-एक घंटे का कार्यक्रम होगा. कोरोना संकट की वजह से कार्यक्रम को वृहद पैमाने पर इस बार नहीं मनाया जायेगा. सभी 6 जगहों पर सुबह 10 बजे से कार्यक्रम शुरू हो जायेंगे और 11 बजे इसका समापन कर देना है. यानी पूरा कार्यक्रम सिर्फ एक घंटा का होगा.
Posted By : Mithilesh Jha
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