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झारखंड को मिलेगी तीन वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात, ये है रेल मंत्रालय की तैयारी

Updated at : 06 Feb 2023 12:53 PM (IST)
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झारखंड को मिलेगी तीन वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात, ये है रेल मंत्रालय की तैयारी

सबसे पहले हावड़ा-नयी दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस और रांची-हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस के रूट पर वंदे भारत चलाने की तैयारी है. वाराणसी और हावड़ा के बीच एक वंदे भारत ट्रेन चलाने का ऐलान पहले ही हो चुका है. बता दें कि झारखंड के कई रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प की भी घोषणा रेल बजट में की गयी है.

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Vande Bharat News: झारखंड को तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात मिल सकती है. ये ट्रेनें राजधानी रांची से पटना और हावड़ा रूट पर चलेंगी. रेलवे ने 400 किलोमीटर से अधिक लंबे रूट पर स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का फैसला किया है. इसके लिए कई रूटों का सर्वे कराया गया है. इसमें रांची-हावड़ा और रांची-पटना रूट शामिल हैं. बताया जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त 2023 तक रांची से पटना और रांची से हावड़ा जाने वाले रेल यात्री वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा का आनंद ले सकेंगे.

इस साल चलेंगी 75 वंदे भारत ट्रेन

भारतीय रेलवे ने देश भर में 75 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का फैसला किया है. उम्मीद है कि झारखंड की झोली में तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें आ सकती हैं. सबसे पहले हावड़ा-नयी दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस और रांची-हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस के रूट पर वंदे भारत चलाने की तैयारी है. वाराणसी और हावड़ा के बीच एक वंदे भारत ट्रेन चलाने का ऐलान पहले ही हो चुका है. बता दें कि झारखंड के कई रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प की भी घोषणा रेल बजट में की गयी है.

वंदे भारत में लगेंगे शताब्दी एक्सप्रेस के रैक!

स्वदेश निर्मित इस अत्याधुनिक सेमी हाई स्पीड ट्रेन को स्लीपर ट्रेन के रूप में चलाने के लिए इसमें शताब्दी एक्सप्रेस के रैक को लगाया जा सकता है. बताया जा रहा है कि इससे लोग सुगमता के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान तक जा सकेंगे. देश में जितनी ज्यादा वंदे भारत ट्रेनें चलेंगी, रेलवे को उतना ज्यादा राजस्व मिलेगा. वहीं, यात्री आरामदेह यात्रा कर पायेंगे और कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच पायेंगे. बता दें कि इस ट्रेन की स्पीड 130 किलोमीटर प्रति घंटे है.

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झारखंड के 57 स्टेशन होंगे अपग्रेड

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि रेल बजट 2023-24 में रांची समेत झारखंड के 57 स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत अपग्रेड किया जायेगा. जिन स्टेशनों को इस योजना के लिए चुना गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं :

  1. बालसिरिंग

  2. बानो

  3. बड़ाजामदा जंक्शन

  4. बरकाकाना

  5. बासुकिनाथ

  6. भागा

  7. बोकारो स्टील सिटी

  8. चाईबासा

  9. चक्रधरपुर

  10. चांडिल

  11. चंद्रपुरा

  12. डालटेनगंज

  13. डंगवापोसी

  14. देवघर

  15. धनबाद

  16. दुमका

  17. गम्हरिया

  18. गंगाघाट

  19. गढ़वा रोड

  20. गढ़वा टाउन

  21. घाटशिला

  22. गिरिडीह

  23. गोड्डा

  24. गोविंदपुर रोड

  25. हैदरनगर

  26. हटिया

  27. हजारीबाग रोड

  28. जामताड़ा

  29. जपला

  30. जसीडीह

  31. कतरासगढ़

  32. कोडरमा

  33. कुमारढुबी

  34. लातेहार

  35. लोहरदगा

  36. मधुपुर

  37. मनोहरपुर

  38. मोहम्मदगंज

  39. मूरी

  40. नेताजी सुभाष चंद्र बोस गोमो

  41. नगरउंटारी

  42. नामकुम

  43. ओरगा

  44. पाकुड़

  45. पारसनाथ

  46. पिस्का

  47. राजखरसावां

  48. राजमहल

  49. रामगढ़ कैंट

  50. रांची

  51. साहिबगंज

  52. शंकरपुर

  53. सिल्ली

  54. सीनी

  55. टाटानगर

  56. टाटीसिल्वे

  57. विद्यासागर

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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