Pm Narendra Modi dinner in Ranchi : इन व्यंजनों का स्वाद चख सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

झारखंड में कई व्यंजन हैं, जो बेहद प्रसिद्ध हैं. इन प्रसिद्ध व्यंजनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्या परोसा जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मिलेट्स को काफी प्रोमोट कर रहे हैं. दुनिया में कहीं भी जाते हैं, तो वह मिलेट्स के बारे में बताना नहीं भूलते.
Pm Narendra Modi dinner in Ranchi : झारखंड में कई व्यंजन हैं, जो बेहद प्रसिद्ध हैं. इन प्रसिद्ध व्यंजनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्या परोसा जाएगा. प्रधानमंत्री 14 नवंबर को रांची आ रहे हैं. यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड में रात्रि विश्राम करेंगे. रात में पीएम मोदी क्या खाएंगे? सुबह राजभवन से निकलने से पहले क्या नाश्ता करेंगे? लोगों के मन में इस बात को लेकर कौतूहल है. लोग जानना चाहते हैं कि पीएम मोदी के लिए रात के मेन्यू में क्या होगा, सुबह के मेन्यू में क्या होगा? बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस में शामिल होने के लिए 15 नवंबर को खूंटी जाएंगे. इससे एक दिन पहले वह 14 नवंबर को ही विशेष विमान से रांची पहुंच जाएंगे. कहा जा रहा है कि रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से रोड शो करते हुए पीएम मोदी राजभवन पहुंचेंगे. हालांकि, उनके सरकारी कार्यक्रम में रोड शो का जिक्र नहीं है. एयरपोर्ट से राजभवन तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. बैरिकेडिंग की गई है. जगह-जगह पीएम का स्वागत किया जाएगा. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एयरपोर्ट से राजभवन तक 10 जगहों पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत करने की तैयारी की है.
धुसका-चटनी और लिट्टी-चोखा है लोकप्रिय व्यंजन
झारखंड में कई लजीज व्यंजन बनते हैं. धुसका-चटनी के अलावा लिट्टी चोखा, तिल बर्फी और रुगड़ा भी काफी लोकप्रिय व्यंजन हैं. ये सारी चीजें बहुत आसानी से मिल जातीं हैं. इनके अलावा मिलेट्स के व्यंजन के लिए भी झारखंड को जाना जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मिलेट्स को काफी प्रोमोट कर रहे हैं. दुनिया में कहीं भी जाते हैं, तो वह मिलेट्स के बारे में बताना नहीं भूलते. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिलेट्स से बने व्यंजन भी परोसे जा सकते हैं. धुसका-चटनी को भी पीएम के मेन्यू में शामिल किया जा सकता है.
विदेशी मेहमानों को परोसा गया था मिलेट्स से बना व्यंजन
बता दें कि इसी साल जब जी-20 की झारखंड में बैठक हुई, तो उसमें विदेशी मेहमानों को मिलेट्स से बने व्यंजन परोसे गए थे. धुसका-चटनी भी मेहमानों को खिलाया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ये व्यंजन परोसे जा सकते हैं. बता दें कि पीएम मोदी की पहल पर ही संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया है. दाल पीठा, छिलका रोटी, माल पुआ, ठेकुआ, करील (बांसकरील) भी काफी लोकप्रिय है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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