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खराब मौसम में भी रांची एयरपोर्ट पर लैंड होगी विमान, लगेगी ये तकनीक, जानें क्या है ये

Updated at : 10 Jan 2023 1:02 PM (IST)
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खराब मौसम में भी रांची एयरपोर्ट पर लैंड होगी विमान, लगेगी ये तकनीक, जानें क्या है ये

आइएलएस लगाने के बाद बेहद खराब मौसम में भी विमान रांची एयरपोर्ट पर आसानी से उतर सकेंगे. वर्तमान में खराब मौसम और पुअर विजिबिलिटी के दौरान विमानों की लैंडिंग में परेशानी होती है

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खराब मौसम के कारण बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर आनेवाले विमानों को अब दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट नहीं किया जायेगा. इसके लिए एयरपोर्ट में इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम लगाने (आइएलएस) का काम पूरा हो गया है. एयरपोर्ट निदेशक केएल अग्रवाल ने बताया कि इसकी स्वीकृति के लिए डीजीसीए को भेजा गया है.

स्वीकृति मिलने के बाद आइएलएस कार्य करने लगेगा. जानकारी के अनुसार, आइएलएस लगाने के बाद बेहद खराब मौसम में भी विमान रांची एयरपोर्ट पर आसानी से उतर सकेंगे. वर्तमान में खराब मौसम और पुअर विजिबिलिटी के दौरान विमानों की लैंडिंग में परेशानी होती है. कम विजिबिलिटी होने पर रांची उतरने वाले विमानों को कोलकाता, रायपुर एयरपोर्ट डायवर्ट किया जाता है.

इस कारण यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ता है. आइएलएस नहीं होने पर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर 1200 से 1500 मीटर की विजिबिलिटी होने पर ही विमानों की लैंडिंग की अनुमति एयर ट्रैफिक कंट्रोल द्वारा दी जाती है.

वहीं आइएलएस लगने के बाद विमान 200 मीटर की विजिबलिटी होने पर भी रनवे पर उतर जायेगा. इस तकनीक के सहारे विमान रेडियो तरंग के माध्यम से रनवे पर उतरता है. इस सुविधा से विमान को मार्गदर्शन के लिए सटीक दिशा की जानकारी मिलती है

कांके शून्य तो शहर में तापमान नौ डिग्री

ग्रामीण और शहरी इलाकों के तापमान में भारी अंतर हो गया है. बीएयू स्थित मौसम केंद्र ने सोमवार को न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेसि रिकाॅर्ड किया. वहीं एयरपोर्ट रोड स्थित मौसम केंद्र ने न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेसि रिकॉर्ड किया है. इसको लेकर लोगों में संशय की स्थिति है. बीएयू के कृषि भौतिकी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ ए बदूद के अनुसार विद्यार्थियों की पढ़ाई और अनुसंधान के लिए यहां मौसम केंद्र द्वारा अनुशंसित तापमापी यंत्र लगाया गया है.

बीते साल रांची मौसम केंद्र के लोगों ने भी इसकी जांच की थी. इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है. आम तौर पर गर्मी में शहर और ग्रामीण इलाकों में अधिकतम और न्यूनतम तामपान में दो डिग्री सेसि तक अंतर होता है. जाड़े में यह अंतर तीन से चार डिग्री सेसि तक रहता है. इस वर्ष बहुत अधिक अंतर दिख रहा है. बीएयू का मौसम मापी यंत्र जमीन से दो मीटर की दूरी पर लगा है. पूरे 24 घंटे में जहां न्यूनतम पारा जाकर रुकता है, वह रिकाॅर्ड हो जाता है.

अधिकतर शहरों का तापमान 10 डिग्री सेसि से नीचे : राज्य के अधिकतर शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेसि से नीचे रह रहा है. रविवार को रांची का न्यूनतम तापमान नौ डिग्री, खूंटी 4.7 डिग्री, डालटनगंज 5.6, बोकारो 7.2, चाईबासा 9.2, देवघर 6.4, गिरिडीह 6.8, रामगढ़ 7.4, सिमडेगा 5.4 डिग्री सेसि रहा.

कांके व रांची के तापमान में नौ डिग्री का अंतर होना अप्रत्याशित है. तकनीकी रूप से यह संभव नहीं दिखता है. तीन से चार डिग्री का अंतर हो सकता है. जहां भी इस तरह की रीडिंग आ रही है, वहां मशीन की एक बार जांच करनी चाहिए.

अभिषेक आनंद, प्रभारी, मौसम केंद्र

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