मदर टेरेसा की प्रतिमा के नीचे दफन हुए कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो, मांडर में हुआ था निधन

Published by :Mithilesh Jha
Published at :11 Oct 2023 7:06 PM (IST)
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मदर टेरेसा की प्रतिमा के नीचे दफन हुए कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो, मांडर में हुआ था निधन

झारखंड की राजधानी रांची के संत मारिया कैथेड्रल में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा राज्य के कई मंत्री और विधायक भी कार्डिनल को श्रद्धांजलि देने के लिए पुरुलिया रोड स्थित संत मारिया कैथेड्रल पहुंचे थे.

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आर्कबिशप कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो को बुधवार (11 अक्टूबर) की शाम को मदर टेरेसा की प्रतिमा के नीचे दफन कर दिया गया. झारखंड की राजधानी रांची के संत मारिया कैथेड्रल में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा राज्य के कई मंत्री और विधायक भी कार्डिनल को श्रद्धांजलि देने के लिए पुरुलिया रोड स्थित संत मारिया कैथेड्रल पहुंचे थे. महाधर्माध्यक्ष के अंतिम दर्शन और उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए 30 बिशप, 500 फादर, रोम से नियुक्त वेटिकन एंबेसी के सदस्य भी शामिल हुए. तेलेस्फोर पी टोप्पो की इच्छा थी कि संत मारिया कैथेड्रल में ही उनका अंतिम संस्कार किया जाए. 4 अक्टूबर को मांडर के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया था.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कार्डिनल को दी श्रद्धांजलि

एशिया के पहले आदिवासी कार्डिनल को श्रद्धांजिल देने के लिए संत मारिया कैथेड्रल चर्च में सुबह छह बजे से 12 बजे तक लोगों का तांता लगा रहा. दो दिन से देश के अलग-अलग हिस्से से आए लोगों ने चर्च में कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के अंतिम दर्शन किए. उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए. दिन में 12 बजे के बाद उनके पार्थिव देह को लोयोला ग्राउंड लाया गया. यहां उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया. इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यहां पहुंचकर कार्डिनल को श्रद्धांजलि दी. मिस्सा सभा में रोम से पोप के प्रतिनिधि भी आए थे. वह पोप का पत्र लेकर आए थे, जिसे इस सभा में पढ़ा गया.

महुआ माजी बोलीं – हमेशा बना रहेगा कार्डिनल का सम्मान

राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया है. कार्डिनल टोप्पो इस सम्मान के हकदार थे. महुआ माजी ने कहा कि हर साल क्रिसमस पर वह हमलोगों को बुलाते थे. इसमें सभी जाति-धर्म के लोग शामिल होते थे. उन्होंने एक इंटेलेक्चुअल फोरम बनाया था, जिसमें सभी धर्मों (हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई) के लोग शामिल थे. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता महुआ माजी ने बताया कि कार्डिनल के करीबी मित्रों में डॉ केके सिन्हा, डॉ सिद्धार्थ मुखर्जी जैसे लोग थे. वह सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल थे. महिलाओं के बारे में भी वह बहुत सोचते थे. जब मैं महिला आयोग की अध्यक्ष थी, तब कई मुद्दों पर वह मुझसे बात करते थे. वह चाहते थे कि डायन हत्या और मानव तस्करी से झारखंड को निजात मिले.

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झारखंड का गौरव हैं कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो

महुआ माजी ने यह भी कहा कि कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के सपनों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूरा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह तेलेस्फोर पी टोप्पो की काबलियत थी कि वह उस समय बिशप और कार्डिनल बने, जब आदिवासियों को कहीं मौका नहीं मिलता था. यह झारखंड के लिए गौरव की बात थी कि लोग कहते थे कि कार्डिनल रांची में रहते हैं. झारखंड में रहते हैं.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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