'सॉरी मम्मी पापा, आई एम लूजर, यही लास्ट ऑप्शन है', यह लिखकर कोटा में छात्रा ने की खुदकुशी

Published by :Amitabh Kumar
Published at :29 Jan 2024 1:37 PM (IST)
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'सॉरी मम्मी पापा, आई एम लूजर, यही लास्ट ऑप्शन है', यह लिखकर कोटा में छात्रा ने की खुदकुशी

पिछले दिनों पुलिस ने कोटा के न्यू राजीव गांधी नगर इलाके के एक छात्रावास के कमरे से उत्तर प्रदेश निवासी अभ्यर्थी का शव बरामद किया था. इसके बाद कोटा में एक छात्रा ने खुदकुशी कर ली है.

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Kota Suicide Case: राजस्थान के कोटा से एक और बुरी खबर सामने आई है. जी हां…यहां आईआईटी जेई की तैयारी कर रही एक और छात्रा ने खुदकुशी कर ली है. उसने ऐसा करने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसे पढ़कर हर किसी की आंखें भर जा रही है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिस छात्रा ने अपनी जान दी है उसका 2 दिनों बाद ही JEE Mains की परीक्षा थी. कमरे से जो सुसाइड नोट बरामद किया गया है, उसमें छात्रा ने परीक्षा को लेकर दबाव का जिक्र किया है.

छात्रा ने क्या लिखा है सुसाइड नोट में

जिस छात्रा ने सुसाइड किया है उसने सुसाइड नोट में लिखा है, मम्मी-पापा मैं JEE नहीं कर सकती इसलिए यह कदम उठाने जा रही हूं. मैं सुसाइड कर रही हूं, मैं कारण हूं , मैं सबसे खराब बेटी हूं, सॉरी मम्मी पापा…आई एम लूजर…यही लास्ट ऑप्शन है. खबरों की मानें तो यह नोट लिखकर कोटा के एक कोचिंग में JEE Mains की तैयारी कर रही 18 साल की छात्रा ने अपने ही घर के कमरे में फांसी का फंदा लगा लिया.

31 जनवरी को था एग्जाम

बताया जा रहा है कि छात्रा का 31 जनवरी को एग्जाम था जिसकी वजह से वह तनाव में थी. कोचिंग का कोर्स खत्म होने के बाद वो घर से ही परीक्षा की तैयारी कर रही थी.

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इस साल का यह दूसरा मामला

इससे पहले 23 जनवरी को राजस्थान के कोटा जिले में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के एक अभ्यर्थी ने छात्रावास के कमरे में पंखे से फंदा लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. कोचिंग के गढ़ में इस साल छात्र की संदिग्ध खुदकुशी का यह पहला मामला था जिसके कुछ दिन बाद ही दूसरी घटना देखने को मिली जब छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी.

पिछले साल छात्रों के आत्महत्या के 26 मामले

उल्लेखनीय है कि कोटा में पिछले साल छात्रों के आत्महत्या के 26 मामले सामने आये थे, जो कि कोचिंग के इस गढ़ में एक साल में सबसे अधिक मामले हैं. यहां देशभर से हर साल लाखों छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं और कई सफल होते हैं जबकि कई को सफलता हाथ नहीं लगती है.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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