आ गया IPL, अब होगा सिर्फ इंटरटेनमेंट, इंटरटेनमेंट और इंटरटेनमेंट
आईपीएल
Indian Premier League: टी-20 क्रिकेट फॉर्मेट का सबसे लोकप्रिय और महंगा इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल अपने 18वें सीजन के साथ आ चुका है. इस सीजन में 10 टीमें आमने-सामने हैं और रोमांच अपने चरम पर है. कुछ नए नियम भी इस सीजन में जारी किए गए हैं, जिनका उद्देश्य लीग को और रोमांचक बनाना है, जिसमें सबसे प्रमुख है बाॅल पर सलाइवा या लार लगाने की छूट होना. ये तो खैर बात हुई नियमों की, लेकिन आईपीएल में छक्कों का जो उत्सव चलता है, वह इसकी लोकप्रियता में चार चांद लगा देता है, जो इस बार भी देखने को जरूर मिलेगा.
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Indian Premier League: इंडियन प्रीमियर लीग 2025 का विजेता कौन होगा, इसे लेकर बहस की शुरुआत हो गई है. हर टीम के प्रशंसक अपनी टीम के खिलाड़ियों की तारीफ में कसीदे पढ़ रहे हैं और लीग मैच, फिर प्लेऑफ और अंतत: फाइनल तक वे आस नहीं छोड़ते हैं. 2008 में जब आईपीएल की शुरुआत हुई थी तो संभवत: यह कल्पना नहीं की गई थी कि यह टूर्नामेंट इतना सफल और लोकप्रिय होगा.
दस टीमें हैं आमने-सामने
इंडियन प्रीमियर लीग के पहले सीजन में आठ टीमों ने शिरकत की थी, जिनमें 8 टीमें लीग में शामिल थीं. चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइट राइडर्स, दिल्ली डेयरडेविल्स, राजस्थान रॉयल्स, किंग्स इलेवन पंजाब, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और डेक्कन चार्जर्स. आईपीएल के अबतक खेले गए 17 सीजन में अधिकतम 10 टीमों ने हिस्सा लिया है. इस बार भी 10 टीमें आईपीएल का हिस्सा बन रही हैं. जब 2016-17 में सीएसके और राजस्थान रॉयल्स पर प्रतिबंध लगा था तो आठ टीमों ने लीग में हिस्सेदारी की थी.
2025 की टीमें
- चेन्नई सुपर किंग्स (CSK)
- मुंबई इंडियंस (MI)
- कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)
- दिल्ली कैपिटल्स (DC)
- राजस्थान रॉयल्स (RR)
- पंजाब किंग्स (PBKS)
- रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB)
- सनराइजर्स हैदराबाद (SRH)
- गुजरात टाइटन्स (GT) (2022 में शामिल हुई)
- लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) (2022 में शामिल हुई)
पांच नए नियमों के साथ खेला जा रहा है आईपीएल का सीजन 18

इंडियन प्रीमियर लीग के 18वें सीजन को और भी लोकप्रिय बनाने के लिए बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने इस सीजन में पांच नए नियमों को प्रस्तुत किया है. जो इस प्रकार हैं-
- गेंदबाज अब गेंद को चमकाने के लिए लार या सलाइवा का प्रयोग गेंद पर कर सकेंगे. इस प्रक्रिया को कोविड 19 के दौर में बंद कर दिया गया था.
- डे-नाइट मैच के दौरान दूसरी पारी में 10 ओवर के बाद ओस का प्रभाव कम करने के लिए अंपायर गेंद का निरीक्षण करने के बाद उसे बदलने की अनुमति दे सकते हैं.
- वाइड गेंदों के लिए डीआरएस लिया जा सकेगा. वाइड गेंदों की समीक्षा के लिए हॉक-आई तकनीक का प्रयोग किया जा सकेगा.
- स्लो ओवर रेट के लिए अब कप्तानों पर सीधे प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा, बल्कि इसके लिए डिमेरिट पॉइंट्स दिए जाएंगे. इस अंक के आधार पर एक मैच का प्रतिबंध लगाया जाएगा जो तीन साल तक मान्य होगा. प्रतिबंध के लिए चार से सात अंक होना चाहिए.
- इम्पैक्ट प्लेयर का नियम इस सीजन में भी जारी रहेगा, जिसके जरिए मैच के दौरान एक खिलाड़ी को टीमें बदल सकती हैं.
छक्कों की होगी बारिश
अपनी शुरुआत के साथ ही आईपीएल छक्कों के लिए जाना जाता रहा है. इस सीजन में भी छक्कों की बारिश होगी और क्रिकेट प्रेमी यह जानना चाहेंगे कि किस खिलाड़ी ने सबसे लंबा छक्का मारा है. आईपीएल के इतिहास में सबसे अधिक छक्का मारने का रिकाॅर्ड क्रिस गेल के नाम दर्ज है, जिन्होंने 357 छक्के मारे हैं. उनके बाद रोहित शर्मा है, जिनके नाम 280 छक्कों का रिकाॅर्ड है, जबकि कोहली ने 272 छक्के मारे हैं. कैप्टन कूल धोनी के नाम 252 छक्कों का रिकाॅर्ड है, जबकि टाॅप फाइव के अंतिम खिलाड़ी डिविलियर्स के नाम 251 छक्कों का रिकाॅर्ड है. रोहित और विराट इस सीजन में गेल का रिकाॅर्ड तोड़ने की कोशिश कर सकते हैं.
आईपीएल शुरू करने का आइडिया किसका था?

इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत का आइडिया ललित मोदी का था, 2007 में बीसीसीआई के उपाध्यक्ष थे. उन्होंने विदेशों में खेले जाने वाले इंग्लिश प्रीमियर लीग और अन्य लीग से प्रेरणा लेकर इंडिय प्रीमियर लीग की शुरुआत का प्लान पेश किया था. 2007 में आईपीएल को बीसीसीआई ने लाॅन्च किया और पहला सीजन 2008 में खेला गया था.
इंडियन प्रीमियर लीग से कितनी होती है कमाई
ललित मोदी ने जब इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत की थी, तो उसका उद्देश्य बीसीसीआई के आय में वृद्धि करना था. बीसीसीआई का यह आइडिया सफल भी रहा और हर सीजन में आईपीएल के आय में बढ़ोतरी दर्ज हो रही है. आईपीएल के जरिए ना सिर्फ बल्कि फ्रेंचाइजी टीमों और खिलाड़ियों की आय में भी काफी वृद्धि हो रही है. साथ ही आईपीएल की दस टीमों की वजह से नए खिलाड़ियों को भी खूब मौका मिल रहा है और वे अपना करियर बना रहे हैं. आज तक न्यूज के अनुसार 2023 में आईपीएल की कुल आय 11,769 करोड़ थी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5,120 करोड़ रुपए अधिक थी. यह 116 प्रतिशत वृद्धि है. बीसीसीआई की आय का मुख्य स्रोत मीडिया और ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और टाइटल स्पॉन्सरशिप है, जिसकी ब्रिकी से बोर्ड की बहुत कमाई होती है. बीसीसीआई ने 2023 से 2027 तक के लिए मीडिया और ब्रॉडकास्टिंग राइट्स 48,390 करोड़ रुपए में बेचे हैं, जबकि टाइटल स्पॉन्सरशिप 2024-2028 के लिए 2,500 करोड़ में बेची गई है.
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IPL की शुरुआत कब हुई थी?
2008 में आईपीएल का पहला सीजन खेला गया था.
2008 के आईपीएल में कितनी टीमों ने शिरकत की थी?
2008 के आईपीएल में 8 टीमों ने शिरकत की थी?
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लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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