Weather Forecast: शुरू हो रहा है तूफानी महीना, नवंबर में आते हैं सबसे ज्यादा चक्रवात, जानिए कैसा रहेगा मौसम

Published by : Pritish Sahay Updated At : 30 Oct 2023 5:59 PM

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मौसम: नवंबर के महीने में मानसून के बाद के मौसम में सबसे अधिक उष्णकटिबंधीय तूफानों का रिकॉर्ड है. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में इस महीने सबसे ज्यादा तूफान उठते हैं.

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Weather Forecast: भारत में मौसम का मिजाज बदल रहा है. भारी बरसात के बाद अब राज्यों में सर्दी की दस्तक होने लगी है. हालांकि देश के अधिकांश हिस्सों में 15 अक्टूबर के बाद से ही गुलाबी ठंड का आगाज होने लगता है. नवंबर तक देश में ठंड की एंट्री हो जाती है. वहीं नवंबर को देश में तूफानी महीना भी कहा जाता है. क्योंकि सबसे ज्यादा चक्रवात इसी महीने आते हैं.

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स्काईमेट वेदर के मुताबिक नवंबर के महीने में मानसून के बाद के मौसम में सबसे अधिक उष्णकटिबंधीय तूफानों का रिकॉर्ड है. अरब सागर और  बंगाल की खाड़ी में इस महीने सबसे ज्यादा तूफान उठते हैं. हालांकि अरब सागर की अपेक्षा बंगाल की खाड़ी में अधिक संख्या में चक्रवाती तूफानों का रिकॉर्ड रहा है.

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इससे पहले अक्टूबर में पहले ही दो तूफान की दस्तक हो चुकी है. ये तूफान तेज और हामून थे जो बीते दिनों भारतीय तट रेखा को छोड़कर यमन और बांग्लादेश की तरफ मुड़ गये थे.

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स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 10 सालों में इस महीने देश में कई तूफानों ने दस्तक दी. 2013 से 2022 तक बंगाल की खाड़ी में 18 उष्णकटिबंधीय तूफान आए हैं, जबकि मानसून के बाद के मौसम में अरब सागर में 10 तूफान आए हैं.

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चिंताजनक बात यह है कि बीते 2 सालों में नवंबर के महीने में भारतीय समुद्र में कोई तूफान नहीं आया है. ऐसे में इस प्रकार, 2021 और 2022 में मानसून के बाद केवल 5 तूफान आए, लेकिन अक्टूबर 2021 में बंगाल की खाड़ी में 4 और अरब सागर में केवल 1 तूफान आया.

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बीते 10 सालों में बंगाल की खाड़ी से नवंबर में 7 तूफानों ने दस्तक दी है. जबकि, अरब सागर से सिर्फ 4 उष्णकटिबंधीय चक्रवाती तूफान आये हैं. बंगाल की खाड़ी की तुलना में दिसंबर में अरब सागर में तूफानों की आवृत्ति तेजी से कम हो जाती है. इसने दिसंबर 2019 में केवल एक तूफान पवन आया था.  वह भी अरब सागर के पश्चिमी हिस्सों में भारतीय तट से बहुत दूर था.

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गुलाब और वरदा नाम के दो तेज तूफान भी आए थे जो साल 2021 और 2016 में दोनों महासागरों से गुजरे थे.

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21 अक्टूबर को अपनी शुरुआत के बाद से पूर्वोत्तर मानसून काफी हल्का बना हुआ है. पिछले 24 घंटों में गतिविधि में तेजी आई है और अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है.

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स्काईमेट वेदर के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के दक्षिणी भागों से होकर गुजरने वाली मौसमी उत्तर-पूर्वी धारा में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं है. इसके मुताबिक नवंबर के पहले पखवाड़े में कोई भी तूफान आने की संभावना नहीं दिख रही है. 

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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