सेमीफाइनल से पहले रचिन रविंद्र अपने पैतृक घर बेंगलुरु पहुंचे, दादी ने उतारी नजर, देखें वीडियो

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सेमीफाइनल से पहले रचिन रविंद्र अपने पैतृक घर बेंगलुरु पहुंचे, दादी ने उतारी नजर, देखें वीडियो

रचिन रविंद्र लंबे समय बाद अपने दादा-दादी से मिलने बेंगलुरु पहुंचे थे. इस दौरान सभी एक-दूसरे से मिलकर काफी खुश हुए. सचिन ने खुद इसकी जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट में पोस्ट डालकर दी. पोस्ट के साथ रचिन ने लिखा, ‘जय श्री राम.

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वर्ल्ड कप 2023 में न्यूजीलैंड की टीम सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है और 15 नवंबर को भारत के साथ नॉक आउट मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाना है. चार साल बाद फिर से भारत-न्यूजीलैंड की टीम सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगीं. ��हले सेमीफाइनल मुकाबले से पहले न्यूजीलैंड के स्टार युवा खिलाड़ी भारतीय मूल के रचिन रविंद्र अपने दादा-दादी से मिलने बेंगलुरु पहुंचे. रचिन ने इस अहम मुकाबले से पहले दादा-दादी का आर्शीवाद लिया.

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अपने दादा-दादी से मिलने बेंगलुरु पहुंचे रचिन रविंद्र

रचिन रविंद्र लंबे समय बाद अपने दादा-दादी से मिलने बेंगलुरु पहुंचे थे. इस दौरान सभी एक-दूसरे से मिलकर काफी खुश हुए. सचिन ने खुद इसकी जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट में पोस्ट डालकर दी. पोस्ट के साथ रचिन ने लिखा, ‘जय श्री राम. ऐसा अद्भुत परिवार पाकर धन्य हूं. दादा-दादी देवदूत हैं जिनकी यादें और आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहते हैं’.

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दादी ने उतारी रचिन रविंद्र की नजर

रचिन रविंद्र ने जो वीडियो पोस्ट किया है, उसमें उनकी दादी बहुत खुश नजर आ रही हैं. वीडियो में रचिन रविंद्र को उनकी दादी नजर उतारती दिख रही हैं.

https://twitter.com/RachinRavindraa/status/1722844475372736933
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बहुत बड़े शिक्षाविद हैं रचिन के दादा-दादी

मालमू हो रचिन रविंद्र के माता-पिता भारतीय के रहने वाले हैं. लेकिन 90 के दशक में दोनों न्यूजीलैंड में जाकर बस गए. हालांकि रचिन के दादा-दादी अब भी साउथ बेंगलुरु में रहते हैं. दादा-दादी बहुत बड़े शिक्षाविद हैं. दादा का नाम बालकृष्ण अडिगा है और दादी का नाम पूर्णिमा अडिगा है.

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रचिन के पिता सचिन और द्रविड़ के हैं सबसे बड़े फैन

रचिन रविंद्र के पिता रवि कृष्णमूर्ति सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के सबसे बड़े फैन हैं. यही कारण है कि जब रचिन का जन्म हुआ था, तो उन्होंने सचिन और द्रविड़ को मिलाकर उसका नाम रचिन रविंद्र रखा. रचिन के पिता खुद अच्छे क्रिकेटर रह चुके हैं. वो क्लब क्रिकेट खेला करते थे.

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रचिन रविंद्र ने सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा

रचिन रविंद्र का यह डेब्यू वर्ल्ड कप है. जिसमें उन्होंने इतिहास रच डाला है. अब तक उनके बल्ले से तीन और दो अर्धशतक की मदद से कुल 565 रन निकल चुका है. रचिन रविंद्र ने 25 साल से कम उम्र में एक वर्ल्ड कप एडिशन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. सचिन तेंदुलकर ने 1996 वर्ल्ड कप में कुल 523 रन बनाए थे. उस समय उनकी उम्र 25 साल से कम थी. जब की रचिन रविंद्र अभी केवल 23 साल के हैं और मौजूदा वर्ल्ड कप में उन्होंने 3 शतक और 2 अर्धशतक की मदद से 565 रन बना लिए हैं.

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डेब्यू वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने रचिन रविंद्र

रचिन रविंद्र का यह डेब्यू वर्ल्ड कप है. जिसमें उन्होंने अपने बल्ले से तहलका मचा दिया है. रविंद्र डेब्यू वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. इस मामले में उन्होंने जॉनी बेयरस्टो का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. बेयरस्टो ने 2019 में 532 रन बनाए थे. जबकि 2019 में ही बाबर आजम ने 474 रन बनाए थे.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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