1. home Hindi News
  2. photos
  3. chhath puja 2020 photos of important places across state bihar chhath puja mahaparv chhath 2020 abk

Chhath Puja 2020: तसवीरों में छठ की छटा, सालों से पूजा का आयोजन, भगवान सूर्य और महाभारत से भी जुड़े हैं मंदिर

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
काली घाट (पटना)
काली घाट (पटना)
प्रभात खबर

बिहार की राजधानी पटना में कई जगह छठ पूजा की रौनक दिखती है. पटना के कालीघाट पर बड़ी संख्या में भक्त छठ मां के दर्शन करने पहुंचते हैं. छठ घाट पर श्रद्धालु भगवान सूर्य की उपासना करते हैं. इस दौरान समूचा गंगा घाट प्रार्थना स्थल में बदल जाता है.

देव, औरंगाबाद
देव, औरंगाबाद
प्रभात खबर

औरंगाबाद के देव में भगवान सूर्यदेव का प्रसिद्ध मंदिर है. छठ पूजा के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं. देव में छठ मनाने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं.

कष्टहरणी घाट, मुंगेर
कष्टहरणी घाट, मुंगेर
प्रभात खबर

मुंगेर के कष्टहरणी घाट का उल्लेख वाल्मीकि रामायण में भी मिलता है. जब भगवान राम माता सीता से विवाह करके मिथिला से अयोध्या वापस लौट रहे थे तब उनके बहुत से साथी मुंगेर के कष्टहरणी घाट पर स्नान करने के लिए ठहरे थे.

कौन्हारा घाट, हाजीपुर
कौन्हारा घाट, हाजीपुर
प्रभात खबर

राजधानी पटना से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर हाजीपुर में छठ पर्व का आयोजन खास होता है. इस घाट के नाम के पीछे एक पुरानी कहानी है. कहा जाता है कि गज (हाथी) और ग्राह (मगरमच्छ) के बीच लड़ाई हुई थी. भगवान विष्णु को भक्त गजराज को बचाने के लिए मध्यस्थता करनी पड़ी थी. इसी कहानी के नाम पर ही घाट का नाम कौन्हारा (कौन हारा) रखा गया. यहां छठ पर्व धूमधाम से मनाया जाता है.

रानी घाट, बक्सर
रानी घाट, बक्सर
सोशल मीडिया

बक्सर जिला 'बक्सर की लड़ाई' के लिए जाना जाता है. पटना से 130 किमी दूर बक्सर में छठ के समय काफी लोग आते हैं. जिले में छठ को लेकर काफी रौनक रहती है. यहां के रानी घाट पर छठ पूजा पर खास आयोजन होते हैं.

बड़गांव, नालंदा
बड़गांव, नालंदा
सोशल मीडिया

वैदिक काल से नालंदा जिला का सूर्य पीठ बड़गांव सूर्योपासना का प्रमुख केंद्र रहा है. बड़गांव का सूर्य मंदिर दुनिया के 12 अर्कों में शामिल है. यहां छठ करने से हर मनोकामना पूरी होती है. देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु चैत और कार्तिक माह में छठव्रत करने बड़गांव आते हैं. भगवान सूर्य को अर्घ देने की परंपरा बड़गांव से ही शुरू हुई थी. मगध में छठ की महिमा इतनी प्रचलित थी कि युद्ध के लिए राजगीर आए भगवान कृष्ण ने भी बड़गांव पहुंचकर भगवान सूर्य की पूजा थी. इसकी चर्चा सूर्य पुराण में है.

रामशिला घाट, गया
रामशिला घाट, गया
सोशल मीडिया

गया के फल्गू नदी में बने रामशिला छठ घाट पर भी अर्घ देने की लंबी परंपरा है. हर साल छठ पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. गया की धरती को मोक्ष की नगरी भी माना जाता है. पितृपक्ष में दुनियाभर से लोग पितरों के तर्पण के आते हैं.

Posted : Abhishek.

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें