पटना हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, जहरीली शराब से हुई मौत के मामले में फांसी की सजा पाये नौ अभियुक्त हुए बरी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Jul 2022 7:52 PM
हाइकोर्ट ने दायर सभी अपीलों की सुनवाई एक साथ पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. बुधवार को कोर्ट ने अपने 89 पन्नों के फैसले में इन्हें फांसी की सजा से मुक्त कर दिया. अगस्त 2016 में गोपालगंज के खजुरबनी मोहल्ले में जहरीली शराब पीने से 20 लोगों की मौत हुई और कई लोगों ने आंखों की रोशनी गवांयी थी.
पटना हाइकोर्ट ने गोपालगंज के खजूरबानी में जहरीली शराब से हुई मौत के मामले में निचली अदालत से नौ अभियुक्तों को मिली फांसी सजा को निरस्त कर दिया है. इसके साथ ही सभी नौ अभियुक्त बरी कर दिये गये.
जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह और जस्टिस हरीश कुमार की खंडपीठ ने इन अभियुक्तों द्वारा दायर आपराधिक अपील और राज्य सरकार द्वारा निचली अदालत से मिली मौत की सजा को पुष्टि करने के लिए दायर डेथ रेफरेन्स को एक साथ सुनते हुए यह आदेश दिया है.
हाइकोर्ट ने इस मामले में दायर सभी अपीलों की सुनवाई एक साथ पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. बुधवार को कोर्ट ने अपने 89 पन्नों के फैसले में इन्हें फांसी की सजा से मुक्त कर दिया. अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता विकास रतन भारती ने बताया कि इस मामले में कोर्ट ने प्रक्रियात्मक त्रुटियां पायीं, जो परिस्थितिजन्य सबूत और गवाहियों में एकरूपता नहीं थी.
गौरतलब है कि 15 -16 अगस्त, 2016 को गोपालगंज के खजुरबनी मोहल्ले में जहरीली शराब पीने से 20 लोगों की मौत हुई और कई लोगों ने आंखों की रोशनी गवांयी थी. इस मामले में अगस्त, 2016 को गोपालगंज के नगर थाना में एक प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. पुलिस ने 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
गोपालगंज जिले के विशेष अदालत उत्पाद के जज लव कुश कुमार ने नौ अभियुक्तों को फांसी की सजा व चार महिलाओं को उम्र कैद की सजा सुनायी थी .इसी आदेश के विरुद्ध पटना हाइकोर्ट में इन लोगों ने अपील दायर की थी .इन अपीलों पर हाइकोर्ट ने लंबी सुनवाई कर निर्णय सुरक्षित रख लिया था,जिसे कोर्ट ने बुधवार को निर्णय दिया. इस मामले में राज्य सरकार का पक्ष सरकारी अधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा ने कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया.
15 व 16 अगस्त, 2016 को नगर थाने के खजूरबानी में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गयी थी. 10-12 लोगों की आंखों की रोशनी चली गयी थी. 16 और 17 अगस्त, 2016 को छापेमारी कर पुलिस ने खजूरबानी में भारी मात्रा में जहरीली शराब बरामद की थी. इस मामले में 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी कांड संख्या- 347/2016 दर्ज करायी गयी थी. इसमें 19 लोगों की मौत के मामले में नगर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष बीपी आलोक के बयान पर मामला दर्ज हुआ था. जहरीली शराब बेचने के मामले में नगर थाने में 346/2016 पुलिस के आरोप पत्र दाखिल किये जाने के बाद सुनवाई शुरू हुई. सुनवाई के दौरान ही एक आरोपित ग्रहण पासी की मौत हो गयी. पांच मार्च, 2021 को एडीजे-2 सह स्पेशल जज (उत्पाद) लवकुश कुमार के कोर्ट ने 13 में से नौ दोषियों को फांसी और चार महिलाओं को उम्रकैद की सजा सुनायी थी. कोर्ट के फैसले के बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया था.
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15 व 16 अगस्त, 2016 को जहरीली शराब से 19 लोगों की मौत, 10-12 लोगों की आंखों की रोशनी चली गयी थी
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16 और 17 अगस्त, 2016 को पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में जहरीली शराब बरामद की थी
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14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी कांड संख्या- 347/2016 दर्ज करायी
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26 फरवरी, 2020 को 14 में से 13 लोगों को दोषी ठहराया गया था.
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05 मार्च, 2021 को 13 में से नौ दोषियों को फांसी और चार महिलाओं को उम्रकैद की सजा सुनायी
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