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Bihar Election 2020: रघुवंश प्रसाद को बिना निराश किए इस तरीके से कराई जा सकती है रामा सिंह की एंट्री, जानें पूरा मामला...

Updated at : 31 Aug 2020 9:42 AM (IST)
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Bihar Election 2020: रघुवंश प्रसाद को बिना निराश किए इस तरीके से कराई जा सकती है रामा सिंह की एंट्री, जानें पूरा मामला...

पटना : राजद के वरिष्ठ नेता डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह के वीटो के चलते रामा किशोर सिंह की राजद में एंट्री फिलहाल अटक गयी है़. हालांकि, उन्हें राजद नेतृत्व वाले महागठबंधन में किसी दल में जगह मिलने की संभावना बन रही है़. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक इसकी संभावनाएं जोर पकड़ती जा रही हैं. हालांकि, राजद में आने के कयास अब भी पूरी तरह खारिज नहीं है़.

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पटना : राजद के वरिष्ठ नेता डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह के वीटो के चलते रामा किशोर सिंह की राजद में एंट्री फिलहाल अटक गयी है़. हालांकि, उन्हें राजद नेतृत्व वाले महागठबंधन में किसी दल में जगह मिलने की संभावना बन रही है़. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक इसकी संभावनाएं जोर पकड़ती जा रही हैं. हालांकि, राजद में आने के कयास अब भी पूरी तरह खारिज नहीं है़.

डॉ रघुवंश की नाराजगी के कारण रामा सिंह को पार्टी में प्रवेश नहीं दिला पा रहा राजद

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इससे राजद नेतृत्व और डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह के बीच चल रहा तनाव भी दूर हो जायेगा़. जानकारों के मुताबिक राजद नेतृत्व डॉ रघुवंश की नाराजगी की कीमत पर रामा सिंह को पार्टी में प्रवेश नहीं दिला पा रहा है़. राजद का सामान्य कार्यकर्ताओं के बीच वरिष्ठ राजनेता डॉ सिंह के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर भी है़.

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राजपूत वोटों को और पक्का करना चाहता है़ राजद

उल्लेखनीय है कि डॉ रघुवंश ने इस मामले में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश भी कर रखी है़. इधर, राजद पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह के पत्नी पुतुल सिंह और उनकी बेटी श्रेयसी सिंह को राजद में प्रवेश दिलाकर राजपूत वोटों को और पक्का करना चाहता है़.

पार्टी छोड़ने के इच्छुक लोगों के मामले में पार्टी चुप

राजद शीर्ष नेतृत्व ने रणनीति बनायी है कि जो लोग घोषित रूप से पार्टी छोड़ना चाह रहे हैं, उन पर चुप्पी साधी जाये़. दरअसल राजद के शीर्ष नेतृत्व ने इस बात को नोटिस भी नहीं ले रहा है़. पार्टी उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कदम भी नहीं उठाना चाह रही है़. सूत्रों के मुताबिक पार्टी गेंद अपने पाले में नहीं रखना चाहती है़. ऐसे दौर में राजद छोड़ने की मंशा रखने वाले नेता भी हैरत में हैं. दरअसल दूसरी पार्टी से टिकट मिलने का आश्वासन नहीं मिला तो उनका दल बदल बेमतलब साबित होगा़.

Posted by : Thakur Shaktilochan Shandilya

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