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siwan

  • Feb 24 2017 8:04AM

हर-हर महादेव से आज गूंजेंगे शिवालय

आस्था.  पौराणिक महत्व के चलते खिंचे चले आते हैं भक्त, शिव की निकलेगी बरात
सज-धज कर तैयार हैं शिवालय
कई शिव मंदिरों में मेले भी लगेंगे
सुरक्षा के रहेंगे चौकस इंतजाम 
सीवान : महाशिवरात्रि पर शुक्रवार को जिले के शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगेगा. इसको लेकर प्रमुख शिव मंदिरों की विशेष सजावट की गयी है. कई शिव मंदिरों में मेले का भी आयोजन किया जायेगा. 
 
साथ ही निकलनेवाली शोभायात्रा भक्तों के आकर्षण का केंद्र होंगी. इसको लेकर सुरक्षा के चौकस इंतजाम किये गये हैं. महाशिवरात्रि पर शहर के स्टेशन रोड से महादेवा तक शोभायात्रा निकाली जायेगी. हाथी, घोड़े की मौजूदगी के साथ भगवान शिव की प्रदर्शित  झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी. पचरुखी में शिव बरात की पुरानी परंपरा  है. पूर्व के चीनी मिल से लेकर थाने के समीप स्थित शिव मंदिर तक यह शोभा  यात्रा गुजरेगी. इसकी तैयारी को अंतिम रूप देने में आयोजक मंडल के सदस्य  लगे हुए हैं. वहीं, जिले के हंसनाथ धाम सोहगरा व महेंद्रनाथ धाम मेहदार में सबसे अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. 
 
हंसनाथ धाम सोहगरा : मंदिर में विशालकाय शिवलिंग की स्थापना द्वापर युग में असुर राज वाणासुर ने की थी. मंदिर के पांच किलोमीटर परिधि में तमाम छोटे-छोटे मंदिरों व किलों के भग्नावेश विद्यमान हैं, जो इसके पौराणिक महत्ता को बल देते हैं. मंदिर के जीर्णोद्धार के संबंध में बताया जाता है कि सम्राट अशोक ने करवाया था, जिसकी पहचान अशोक चिह्न मंदिर के मुख्य द्वार पर विद्यमान है. 
 
शिव महापुराण के युद्धखंड के अनुसार दैत्यराज वाणासुर ने अपनी राजधानी शोणितपुर (वर्तमान सोहनपुर) को बनाया था और अपनी पुत्री शिवभक्त उषा की पूजा-अर्चना के लिए सोहगम ( वर्तमान सोहगरा) में शिवलिंग की स्थापना करायी थी. श्रीमद् भागवत के दशम स्कंध में इस बात का उल्लेख मिलता है कि वाणासुर ने भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध को जब बंदी बना लिया था, तो भगवान श्रीकृष्ण और बाणासुर के बीच सोणितपुर में भयंकर युद्ध हुआ था. सोहगरा शिवधाम मे स्थापित पौराणिक शिवलिंग पर जलार्पण करने के लिए शिव भक्त तीस किमी दूर स्थित पवित्र सरयू नदी के तट से जल भर कर आते हैं. काफी कांवरिये महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या में ही पहुंच शृंगार पूजा में शामिल होते हैं तथा अहले सुबह पहले पहले जलार्पण करते हैं.
 
महेंद्रनाथ मंदिर मेहदार : चैनपुर बाजार से दो किलोमीटर व सिसवन प्रखंड मुख्यालय से तीन किलोमीटर उत्तर-पूरब में मेहदार  गांव स्थित बाबा महेंद्रनाथ का मंदिर धार्मिक, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहर है़. कहा जाता है कि तत्कालीन नेपाल नरेश ने मेहदार स्थित एक गड‍‍्ढे  के पानी के स्पर्श से ही कुष्ठ रोग से मुक्ति पाकर यहां मंदिर बनवाया व सरोवर खुदवाया था़  यहां सालों भर बिहार व नेपाल के शिवभक्तों का तांता लगा रहता है़  
 
महाशिवरात्रि व श्रावण मास में तो यहां बैजनाथ धाम जैसा दृश्य रहता है. शिवभक्तों की आराधना स्थली मेहंद्रनाथ मंदिर का शिल्प विधान भी अद्वितीय है़  ऐसा कहा जाता है कि पूरे भारत में बैजनाथ धाम (देवघर) के बाद दूसरा ठीक वैसा ही शिवलिंग केवल यहीं है, जिसे शिव बाबा ने नरेश को सपने में दिखाया था़  यहां भगवान शिव के मंदिर के साथ बटुक भैरव तथा मां पार्वती की स्थापना हुई है़  अग्निकोण पर स्थापित बटुक भैरव का मंदिर पूरे भारत वर्ष में अकेला है.
 
शिव बरात और शिव विवाह के आयोजन को लेकर बैठक : सीवान. शिव शक्ति सेवा मंडल की बैठक संस्था के व्यवस्थापक राजीव रंजन राजू के आवास पर आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह पप्पू ने की. बैठक में मुख्य रूप से 24 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव बरात तथा शिव विवाह के आयोजन पर विस्तृत चर्चा की गयी. सचिव शंभू प्रसाद ने 21 फरवरी को प्रशासन के साथ हुई बैठक के आलोक में उपस्थित शिव भक्तों  श्रद्धालुओं तथा सदस्यों से सहयोग के लिए अपील की. 
 
श्री प्रसाद ने आगे कहा कि शिव बरात अपने निर्धारित मार्ग की स्टेशन से पूजनोपरांत प्रस्थान करेगी तथा गुलजार बाजार विशाल मेगा मार्ट शांति वटवृक्ष कसेरा टोली मसजिद के पीछे से साबुन पोली ब्रह्मस्थान कागजी मोहल्ला शास्त्री नगर रच चौक अस्पताल मोड बबुनिया मोहन होती हुई वापस जे पी चौक से कचहरी स्थित दुर्गा मंदिर पहुंचेगी.  इस अवसर पर संस्था के अजय सोनी , अभिषेक कुमार, राजन कुमार सिंह, अतुल कुमार ,राजेंद्र सहित अनेक श्रद्धालु शामिल हुए.  

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