थाईलैंड की गुफा में फंसे #All12 बच्चों को कोच सहित सुरक्षित बाहर निकाला गया

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थाईलैंड की गुफा में फंसे #All12 बच्चों को कोच सहित सुरक्षित बाहर निकाला गया

थाईलैंड की गुफा में फंसे 12 बच्चे और कोच को सुरक्षित निकाल लिया गया. 12 फुटबॉलरों एवं उनके कोच को बचाने की मुहिम अब खत्म हो हयी. थाईलैंड में नौसेना के एक सूत्र और प्रांतीय अधिकारी ने यह जानकारी दी. नौसेना के एक सूत्र ने बताया , पूरी टीम बच्चों को सुरक्षित निकालने में लगी […]

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थाईलैंड की गुफा में फंसे 12 बच्चे और कोच को सुरक्षित निकाल लिया गया. 12 फुटबॉलरों एवं उनके कोच को बचाने की मुहिम अब खत्म हो हयी. थाईलैंड में नौसेना के एक सूत्र और प्रांतीय अधिकारी ने यह जानकारी दी. नौसेना के एक सूत्र ने बताया , पूरी टीम बच्चों को सुरक्षित निकालने में लगी थी. एक- एक कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. सबसे अंतिम में कोच को बाहर निकाला गया. चियांग राई के प्रांतीय अधिकारी ने बताया , ‘‘ गुफा से बाहर निकाले गये सभी बच्चों को अस्पताल ले जाया गया है.

बच्चों का मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य ठीक है. बच्चों ने चॉकलेट खाने की इच्छा भी जाहिर की . अधिकारियों ने आज बताया कि दो बच्चों को निमोनिया की आशंका है और उनकी जांच की जा रही है. उन्हें एंटीबायोटिक्स दी जा रही हैं. थाईलैंड के लोक स्वास्थ्य मंत्रालय के स्थायी सचिव जेसाडा चोकेडामरोंगस���क ने चियांग राई अस्पताल में संवाददाताओं को बताया , ‘‘ बचाये गये सभी बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य ठीक है. ‘ थाम लुआंग गुफा से बचाये गये बच्चों के अब तक के हालात पर स्पष्ट अपडेट देते हुए उन्होंने बताया , ‘‘ किसी बच्चे को बुखार नहीं है. ‘ बच्चों की उम्र 12 से 16 साल के बीच है. गुफा से इन्हें रविवार और सोमवार को निकाला गया जबकि शेष चार बच्चे और उनके कोच 17 रातों से गुफा में फंसे हुए थे.

विशेषज्ञों ने गुफा में फंसने की पीड़ा के चलते उन्हें दीर्घकालिक क्षति होने , उन्हें मानसिक आघात पहुंचने या संक्रमण होने की चेतावनी दी है. जेसाडा ने बताया कि समूह का एक्स – रे परीक्षण और उनके खून के नमूनों की जांच की गयी है. दो बच्चों में निमोनिया के लक्षण मिले हैं , हालांकि उन्हें एंटीबायोटिक्स दिया जा रहा है और वे ‘‘ सामान्य हालत में हैं. ‘ उन्होंने बताया कि बच्चे खा रहे हैं , चल – फिर रहे हैं और बातचीत भी कर रहे हैं.
उन्होंने कहा , ‘‘ जब तक उनके जांच के नतीजे नहीं आते तब तक सभी बच्चों को एक सप्ताह के लिये अस्पताल में रहना होगा. उनमें किसी तरह का बदलाव तो नहीं हो रहा , इस पर नजर रखी जायेगी. ‘ लोक स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिरीक्षक थोंगचाई लेर्तविलाईरत्नापोंग ने बताया कि रविवार को पहले – पहल बचाये गये चार बच्चे सामान्य एवं सादा भोजन कर रहे हैं.
उन्होंने बताया , ‘‘ उन्होंने चॉकलेट खाने की इच्छा जाहिर की. हम देख सकते हैं कि सबकुछ ठीक है क्योंकि वे अच्छे से खा – पी रहे हैं. ‘ बच्चों को अस्पताल के अलग कमरे में रखा गया है हालांकि उनके माता पिता उन्हें पारदर्शी शीशे से देख सकते हैं.
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