कौन हैं अमृतपाल सिंह? जिसके साथी को छुड़ाने के लिए समर्थकों ने लगा दी जान की बाजी
Published by : Pritish Sahay Updated At : 24 Feb 2023 10:03 AM
अमृतपाल सिंह पर खालिस्तानी आंदोलन को हवा देने का आरोप है. ऐसे में कई खुफिया एजेंसियां नजर रख रही हैं. हाल में ही अमृतपाल ने इशारों ही इशारों में गृह मंत्री को भी धमकी दे डाली थी. उसने कहा था कि इंदिरा गांधी ने भी हमें दबाने की कोशिश की थी... क्या हश्र हुआ.
कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह का साथी लवप्रीत तूफान को पुलिस ने गिरफ्तार क्या किया… मानो पूरे पंजाब में भूचाल आ गया. अमृतपाल सिंह के समर्थक हाथों में बंदूक और तलवार लेकर थाने में ही हमला कर दिया. थाना में हमला करने वाले समर्थक ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह के करीबी लवप्रीत तूफान की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे. गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह एक कट्टरपंथी धार्मिक उपदेशक है. अमृतपाल सिंह के बारे में कहा जाता है कि वह खालिस्तान से सहानुभूति रखता है.
कौन हैं अमृतपाल सिंह: दुबई से लौटा अमृतपाल सिंह अभिनेता और कार्यकर्ता दीप सिद्धू द्वारा बनाया गया संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रमुख है. दरअसल, बीते साल फरवरी महीने में ही सिद्धू की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी थी, जिसके बाद अमृतपाल ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रमुख बन गया. अमृतपाल सिंह पर खालिस्तानी आंदोलन को हवा देने का आरोप है. ऐसे में कई खुफिया एजेंसियां नजर रख रही हैं. हाल में ही अमृतपाल ने इशारों ही इशारों में गृह मंत्री को भी धमकी दे डाली थी. उसने कहा था कि इंदिरा गांधी ने भी हमें दबाने की कोशिश की थी… क्या हश्र हुआ.
अमृतपाल के ज्यादातर रिश्तेदार दुबई में ही रहते हैं. इस कारण साल 2012 में वो भी दुबई चला गया था. दुबई में उसने ट्रांसपोर्ट का कारोबार किया. लेकिन काफी समय गुजारने के बाद वो भारत वापस आ गया. इसी दौरान उसके दोस्त दीप सिद्धू की एक सड़क हादसे में मौत हो गयी. दीप सिद्धू की मौत के बाद वो ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रमुख बन गया. प्रमुख बनने के बाद उसने संगठन विस्तार का काम किया. उसने ‘वारिस पंजाब दे’ नाम से वेबसाइट बनाई और लोगों को उसमें जोड़ना शुरू कर दिया. अमृतपाल सिंह ने किसान आंदोलन में भी रुचि दिखाई थी.
गुरुद्वारे की जला दी थी कुर्सियां: मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमृतपाल बीते साल उस समय सुर्खियों में आया था जब उसने गुरुद्वारे की कुर्सियां जला दी थी. दरअसल उसके समर्थकों ने जालंधर स्थिति मॉडल टाउन गुरुद्वारे की कुर्सियां जला दी थी. इसके पीछे अमृतपाल का तर्क था कि वो गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं के लिए कुर्सी और सोफा रखना सिख धर्म के सिद्धांतों के खिलाफ है. उसके समर्थकों ने गुरुद्वारे में जमकर उत्पात मचाया था. कुर्सियां तोड़ी गई थी उसमें आग लगा दी गई थी. इसके लेकर पंजाब में काफी हो हल्ला हुआ था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










