Water: जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर होगा जल शक्ति हैकाथॉन-2025

Published by : Vinay Tiwari Updated At : 09 Dec 2025 7:45 PM

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'जल विजन@2047' को बढ़ावा देने के लिए जल शक्ति हैकाथॉन-2025 का आगाज मंगलवार को हुआ. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 'जल शक्ति हैकाथॉन-2025' और भारत-विन पोर्टल का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह महज एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि राष्ट्रीय आंदोलन है. भारत के लिए एक सुरक्षित, समावेशी और प्रौद्योगिकी-संचालित जल भविष्य के निर्माण के लिए देश की सामूहिक प्रतिभा को एक मंच पर लाने के लिए के लिए डिजाइन किया गया है.

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Water: देश में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न स्तर पर कदम उठाए जा रहे है. भारत के जल क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं तकनीकी समाधानों को सशक्त कर प्रधानमंत्री के ‘जल विजन@2047’ को बढ़ावा देने के लिए जल शक्ति हैकाथॉन-2025 का आगाज मंगलवार को हुआ. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने ‘जल शक्ति हैकाथॉन-2025’ और भारत-विन पोर्टल का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह महज एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि राष्ट्रीय आंदोलन है. 


भारत के लिए एक सुरक्षित, समावेशी और प्रौद्योगिकी-संचालित जल भविष्य के निर्माण के लिए देश की सामूहिक प्रतिभा को एक मंच पर लाने के लिए के लिए डिजाइन किया गया है. हैकाथॉन का मकसद जल क्षेत्र में इनोवेशन को बढ़ावा देना है. इस कार्यक्रम में सभी हितधारक को भागीदार बनाया जाएगा. 
नागरिकों, शोधकर्ताओं, उद्योगों और इनोवेटर्स की व्यापक भागीदारी संभव हो सके. भारत-विन पोर्टल राष्ट्रीय मंच भारत-विन (जल नवाचार नेटवर्क) का हिस्सा है.

इसका मकसद जमीनी स्तर की जल चुनौतियों के लिए व्यावहारिक, मापनीय और क्षेत्र-तैयार समाधानों को बढ़ावा देना है. खेत-स्तर पर जल संरक्षण, ग्रामीण जल गुणवत्ता, स्मार्ट निगरानी, पारंपरिक जल व्यवस्था का पुनरुद्धार, बाढ़ और सूखा प्रबंधन शामिल है. इसमें स्टार्टअप, एमएसएमई, उद्योग, वैज्ञानिक, शिक्षा, प्रयोगशाला, इनक्यूबेटर, युवा इनोवेटर्स, ग्रामीण और महिला युवा, निजी क्षेत्र और वैश्विक संस्थानों सहित हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित होगी.

जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है मकसद


मंत्रालय समय-समय पर हैकथॉन आयोजित करता है और राष्ट्रीय जल प्राथमिकताओं संबंधी प्रस्ताव आमंत्रित करता है. हैकाथॉन से मिले विचारों की पारदर्शी प्रस्तुति, मूल्यांकन और ट्रैकिंग सुनिश्चित होती है. साथ ही जल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप, एमएसएमई, शिक्षा क्षेत्र, उद्योग और पूर्वोत्‍तर (एनईआर) एवं महिला-नेतृत्व वाले उद्योग के इनोवेटर्स की भागीदारी को सक्षम बनाने का काम किया जाता है. जल क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय जल मिशन का क्रियान्वयन योजना के तहत जल संसाधन विभाग, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय चयनित इनोवेटर्स के लिए अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता देगा. 


हैकाथॉन विजेताओं को प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट (पीओसी) विकसित करने के लिए 1 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा. प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में जल संसाधन प्रबंधन, अपशिष्ट जल उपचार, जल-उपयोग दक्षता, सर्कुलर अर्थव्यवस्था, जलवायु लचीलापन, आईओटी और स्मार्ट वाटर ग्रिड, सटीक कृषि, वर्षा जल संचयन, नदी-बेसिन, बाढ़ प्रबंधन और जल विज्ञान मॉडलिंग जैसे विषय शामिल हैं. राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच), रुड़की को प्रस्तुत प्रस्तावों की जांच करने तथा जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय के सचिव के अनुमोदन हेतु परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी (पीआईए) के रूप में नामित किया गया है.

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