Vijay Diwas 2021: 1971 युद्ध के 50 वर्ष पूरे, 13 दिन भी युद्ध नहीं झेल पाया था पाकिस्तान, डाल दिए थे हथियार

Vijay Diwas 2021: भारत पर पाकिस्तान द्वारा थोपा गया एक ऐसा युद्ध, जिसने भारत की सामरिक शक्ति और शौर्य की नयी वैश्विक गाथा लिख दी और एिशया महाद्धीप का नक्शा बदल दिया. पाकिस्तान को करारी हार मिली और उसके दो खंड हो गये. भारत ने पूर्वी पाकिस्तान को बांग्लादेश नाम से स्वतंत्र राष्ट्र बना दिया.
Vijay Diwas 2021: वह भारत के धैर्य और पाकिस्तान के दुस्साहस का चरम था. पाकिस्तान के दुस्साहस की परिणति था युद्ध. पाकिस्तान ने युद्ध रचा (Vijay Diwas 2021) तो जरूर, मगर उसकी सेना भारतीय रणबांकुरों के आगे 13 दिन भी नहीं टिक पायी, पस्त हो गयी. उसके 93000 से ज्यादा सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया और पूर्वी पाकिस्तान टूट कर बांग्लादेश बन गया.
दरअसल, मसला पाकिस्तान का खुद का था. भारत विभाजन के बाद उसने वजूद तो हासिल कर लिया, मगर अपने पूर्वी हिस्से (पूर्वी पाकिस्तान) को संभाल नहीं पाया. भाषा और संस्कृति के आधार पर मुक्ति का संघर्ष वहां राष्ट्रीय भावना में तब्दील हो गया. वह 1970 का साल था. पाकिस्तान की सत्ता राष्ट्रपति याहिया के हाथ में थी. वहां चुनाव हुए, जिसमें पूर्वी पाकिस्तान की आवाम ने वहां की अवामी लीग का समर्थन किया. उसकी सरकार बननी थी, मगर सत्ता को कबूल न था.
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03 दिसंबर, 1971: पूर्वी पाकिस्तान के जनविद्रोह को दबाने में नाकाम पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के 11 स्टेशनों पर हवाई हमले कर दिये
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04 दिसंबर, 1971: भारत ने ऑपरेशन ट्राईडेंट शुरू किया, पाकिस्तान के अहम ठिकानों को कर दिया बर्बाद
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16 दिसंबर, 1971: महज 13 िदन में पाकिस्तान की सेना हो गयी पस्त, आत्मसमर्पण कर दिया
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17 दिसंबर, 1971: 93,000 पाकिस्तानी सैनिक बना लिये गये युद्धबंदी
हालात बेकाबू थे. इन हालात से निबटने की बजाय पाकिस्तानी सेना ने आवामी लीग के नेता शेख मुजीबुर्रहमान को गिरफ्तार कर लिया. पाकिस्तानी सेना का अत्याचार बढ़ा. लोग पलायन कर भारत आने लगे. पूर्वी पाकिस्तान के लाेगों ने भारत से मांगी. पाकिस्तान की करतूतों के कारण भारत के कई राज्यों में शांति भी भंग हो रही थी.
इस बीच, पाकिस्तानी सेना के लड़ाकू विमानों ने नवंबर के आखिरी हफ्तों में भारतीय हवाई सीमा में घुसपैठ की. तीन दिसंबर, 1971 को पाकिस्तानी सेना के विमानों ने भारतीय ठिकानों पर बमबारी की. यह भारत के धैर्य की इंतहा थी. भारत आगे बढ़ा और 13 दिन की लड़ाई में पाकिस्तान (Vijay Diwas 2021) को धूल चटा दी.
परमवीर अलबर्ट एक्का परमवीर चक्र: झारखंड के गुमला के जारी गांव के अलबर्ट एक्का नेे पूर्वी पाकिस्तान में घुस कर बंकर नष्ट किये थे, दुश्मनों को मार गिराया था. उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र सम्मान मिला.
पाकिस्तान की वह तीसरी हार: युद्ध में पाकिस्तान की यह तीसरी हार थी. इससे पहले उसे भारतीय सेना दो बार धूल चटा चुकी थी. पहली बार 1947 में और दूसरी बार 1965 में. इन दोनों युद्धों में भी पाकिस्तान (Vijay Diwas 2021) को मुंह की खानी पड़ी थी, मगर 1971 के युद्ध में उसे सबसे बड़ी सबक मिली.
Posted by: Pritish Sahay
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By Prabhat Khabar News Desk
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