3 जनवरी से बच्चों को कौन सी वैक्सीन लगेगी, कैसे होगा रजिस्ट्रेशन, कितने दिनों का होगा गैप, जानिए सबकुछ
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Dec 2021 1:04 PM
पीएम मोदी ने देश में 15 से 18 साल तक के बच्चों के लिए कोविड वैक्सीनेशन की घोषणा कर दी गई है. 3 जनवरी से वैक्सीन ड्राइव शुरू होगा. वहीं, वैक्सीनेशन को लेकर कई तरह के सवाल है. जैसे बच्चों को कौन सी वैक्सीन दी जाएगी.
कोरोना (Coronavirus) की लड़ाई में एक कदम आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) ने 15 से 18 साल तक के बच्चों के लिए 3 जनवरी से वैक्सीन ड्राइव शुरू करने का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री ने ओमिक्रॉन(Omicron) से सतर्क रहने की भी बात कही है. वहीं, पीएम के इस फैसले का हर कोई स्वागत कर रहा है. खासकर अभिभावकों ने राहत की सांस जरूर ली है. इस घोषणा के बाद अब सवाल यह है कि बच्चों को कौन सी वैक्सीन दी जाएगी? इसके लिए रजिस्ट्रेशन कैसे होगा? वैक्सीन के खुराकों के बीच कितने दिनों का अंतर होगा, पहली डोज और दूसरी डोज के बीच का अंतराल अधिक होने पर परीक्षाएं कैसे देंगे. तो आइए जानते हैं इन सब सवालों के जवाब क्या हैं.
देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी( PM Modi) ने 15 से 18 साल के बच्चों के वैक्सीनेशन (vaccination) का ऐलान तो किया लेकिन कौन सी वैक्सीन लगाई जाएगी इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. हालांकि डीसीजीआई ने कोवैक्सीन(Covaxin) की बच्चों को दी जाने वाली वैक्सीन को मंजूरी दे दी है. ये वैक्सीन 12 अधिक आयु के बच्चों को आपात स्थिति में दी सकेगी. हालांकि जानकारी यह भी है कि केंद्र सरकार भारत बायोटेक को बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए ऑर्डर देगी. हालांकि अभी केंद्र सरकार ने इसकी योजना के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी है.
वहीं आपको बता दें कि इससे पहले बच्चों की वैक्सीन बनाने वाली जायडस कैडिला की तीन डोज वाले वैक्सीन पर भी विचार किया जा चुका है.
अभी की व्यवस्था के अनुसार कोविन ऐप के जरिए लोग रजिस्ट्रेशन करवाते हैं. वहीं, कई जगहों पर वैक्सीनेशन सेंटर भी बना हुआ है. ऐप में स्लॉट बुकिंग करना होता है जिसके लिए आधार कार्ड नंबर भी देना होता है. हालांकि बच्चों के वैक्सीनेशन कैसे होगा इसे लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है. खबरों की मानें तो बच्चों के लिए अलग वैक्सीनेशन सेंटर बनाया जा सकता है. गांव, मोहल्ला तक फ्रंट लाइन वर्कर्स जाकर भी वैक्सीनेशन कर सकते हैं. संभावना यह भी है कि बच्चों के स्कूलों में भी वैक्सीनेशन का काम किया जा सकता है. जिससे बच्चें भीड़ से बचे रहे और सुरक्षित टीकाकरण किया जा सके.
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अभी की व्यवस्था को देखें तो देश में फ्री वैक्सीनेशन के अलावा निश्चित कीमत पर वैक्सीन की व्यवस्था की गई है. लोग सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर वैक्सीन लगवा रहे हैं. निजी अस्पतालों में निश्चित कीमत चुकाकर भी वैक्सीन भी ली जा रही है. बच्चों को लेकर भी दोनों तरह की व्यवस्था किए जाने की संभावना है.
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वैक्सीनेशन की पहली और दूसरी डोज के बीच के अंतराल को लेकर भी कई सवाल हैं. अगर 90 दिनों का अंतराल रखा जा सकता है. क्योंकि 3 जनवरी से वैक्सीनेशन ड्राइव शुरु हो रहा है और बच्चों की परीक्षाएं मार्च-अप्रैल में होते हैं. ऐसे में विशेषज्ञों की राय के अनुसार वैक्सीन की एक खुराक भी संक्रमण से काफी हद तक सुरक्षा मिल सकता है.
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