उत्तराखंड सुरंग हादसा: कब अपने घर लौटेंगे सुरंग से निकले मजदूर ? एम्स-ऋषिकेश ने बताया

Chinyalisaur: Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami inquires about the condition of a worker rescued from the collapsed Silkyara Tunnel at a community health center, in Chinyalisaur, Wednesday, Nov. 29, 2023. (PTI Photo) (PTI11_29_2023_000253B)
उत्तराखंड सुरंग हादसे में फंसे सभी मजदूरों का बाहर निकालने की खबर जैसे ही लोगों को मिली उनके बीच खुशी की लहर दौड़ पड़ी. इस बीच एम्स-ऋषिकेश के कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रोफेसर मीनू सिंह ने कहा कि सभी बिल्कुल ठीक हैं. इन्हें मरीज नहीं कहा जा सकता है.
उत्तरकाशी (उत्तराखंड) के निर्माणाधीन टनल में 17 दिनों तक जिंदगी से लड़ने के बाद मंगलवार की रात 41 मजदूरों को दूसरी जिंदगी मिली जिसके बाद पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. सुरंग से बाहर आये मजदूरों को एम्स, ऋषिकेश में हेल्थ चेकअप चल रहा है. इस संबंध में अंग्रेजी वेबसाइट एनडीटीवी ने खबर प्रकाशित की है जिसमें कहा गया है कि आज मजदूरों को वापस घर भेजा जा सकता है. सभी की हालत सामान्य है और उनकी अभी प्रारंभिक जांच की गई. मजदूरों के हेल्थ चेकअप में जुटे एम्स-ऋषिकेश के कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रोफेसर मीनू सिंह ने कहा कि सभी बिल्कुल ठीक हैं. इन्हें मरीज नहीं कहा जा सकता है. वे बिल्कुल सामान्य महसूस कर रहे हैं, वे बहुत सामान्य व्यवहार कर रहे हैं. उनका बीपी और ऑक्सीजन लेबल सामान्य है. उन्होंने कहा कि हम जांच करने का प्रयास कर रहे हैं कि इलेक्ट्रोलाइट्स और उनके अन्य ब्लड पैरामीटर कैसा है. रिपोर्ट जल्द ही आएगी. हम उनका ईसीजी भी करेंगे, यह देखने के लिए कि क्या हार्ट किस तरह काम कर रहा है.
आगे प्रोफेसर मीनू सिंह ने कहा कि ये केवल बेसिक जांच है. इनका साइकोलॉजी एसेसमेंट भी किया जाएगा. ऐसा करने से पता चलेगा कि क्या बाद में इनके हेल्थ पर हादसे को प्रभाव हो सकता है. उन्होंने कहा कि जितने भी लोग सुरंग से निकाले गये हैं वो बीमार नहीं हैं. उन्हें जल्द घर वापस भेजने को लेकर फैसला किया जा सकता है. आज ही कोई निर्णय लिया जा सकता है. यहां चर्चा कर दें कि केंद्र और राज्य सरकारों की कई एजेंसियों द्वारा चलाए गए लगभग 17 दिनों के बचाव अभियान के बाद मंगलवार शाम को 41 श्रमिकों को सुरंग से बाहर लाने में सफलता मिली थी.

किन्होंने रात-दिन किया काम
राष्ट्रीय और आपदा राहत बल, भारतीय सेना, पुलिस और कई अन्य एजेंसियों ने उत्तराखंड में 12 नवंबर को ढहे सिल्कयारा सुरंग में राहत बचाव कार्य में हाथ से हाथ मिलाया. इन्होंने सुरंग में फंसे लोगों को बाहर लाने के लिए चौबीसों घंटे काम किया. ऑपरेशन में एक अन्य प्रमुख व्यक्ति सुरंग विशेषज्ञ एरोल्ड डिक्स थे जिन्होंने बचाव के दौरान सरकार और एजेंसियों को सलाह देने का काम किया. डिक्स ने एनडीटीवी को बताया कि धीरे-धीरे सुरंग को खोदा गया.

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By Amitabh Kumar
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